देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खान के बुलंदशहर गैंगरेप को लेकर दिए गए बयान मामले में संज्ञान लेते हुए यूपी सरकार और आजम खान को एक नोटिस जारी किया है। साथ ही इस कोर्ट ने आजम खान के इस बयान को असंवेदनशील बताया है। कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए अखिलेश सरकार से जवाब मांगा है कि इस मामले में आपराधिक मामला क्यों दर्ज नहीं किया जा सकता। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा था कि बुलंदशहर गैंगरेप मामला एक राजनीतिक साजिश है। खान ने ये भी कहा था कि चुनाव नजदीक है और विपक्ष सरकार की छवि खराब करने के लिए किसी भी हद तक गिर सकता है। उन्होंने ये भी कहा कि हमें इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि इस मामले में विपक्ष का हाथ तो नहीं है। उनका कहना है कि सत्ता में आने की इच्छा रखने वाले अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस तरह के कदम उठा सकते हैं।
वहीं आजम खान को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर बैठा या सरकार के अहम पद पर बैठे व्यक्ति इस तरह के बयान देते हैं जिससे पीड़ितों का न्याय प्रणाली से विश्वास उठता हो। इससे पहले पीड़ितों ने इस मामले की सीबीआई जांच करवाने और पीड़िता की सुरक्षा और नाबालिग पीड़िता की सुरक्षा के लिए इंतजाम करने की मांग की थी। गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में कुछ डकैतों ने नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे एक परिवार को शिकार बनाया और 14 साल की एक बच्ची और उसकी मां के साथ दुष्कर्म किया गया था।

