केंद्र ने आज अपनी महत्वाकांक्षी स्मार्ट शहर परियोजना का शुभारंभ करते हुए उम्मीद जताई कि इसमें निवेश आएगा जिससे अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने आज यहां परियोजना के संभावित निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा, ‘‘स्मार्ट शहर परियोजना में निवेश की जरूरत होगी और मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि यह सुरक्षित निवेश होगा।’
सरकार ने 100 स्मार्ट शहरों के विकास के लिए 48,000 करोड़ रुपये की घोषणा की है। इनमें से 98 शहरों के नाम घोषित कर दिए गए हैं और शेष दो नामों की घोषणा भी जल्द होगी।

नायडू ने कहा कि राज्यों-संघ शासित प्रदेशों तथा शहरी स्थानीय निकायों को समान योगदान करना होगा। इसका मतलब है कि केंद्र और राज्य सरकारों तथा शहरी स्थानीय निकायों द्वारा चुने गए 100 शहरों में अगले पांच साल में 96,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। शहरी विकास मंत्रालय अगले पांच साल तक प्रत्येक स्मार्ट शहर को हर साल 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगा।
नायडू ने कहा कि इसके अलावा अन्य स्रोतों मसलन प्रयोगकर्ता शुल्क, लाभार्थी शुल्क, भूमि के मौद्रिकरण, रिण के जरिये अतिरिक्त संसाधन जुटाए जाएंगे।
शहरी विकास मंत्री ने बताया कि दुनिया के एक दर्जन से अधिक प्रमुख देशों ने इस मिशन से जुड़ने की इच्छा जताई है। इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, जर्मनी, नीदरलैंड, स्वीडन, जापान, चीन, सिंगापुर, इस्राइल और आस्ट्रेलिया शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया के प्रमुख प्रौद्योगिकी समाधान प्रदाता इस मिशन के तौर तरीके सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। हमारा निजी क्षेत्र भी निवेश के अवसरों का लाभ उठाने को तैयार है।