रियो ओलंपिक में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी मलिक भारत वापस आ गई हैं। साक्षी के हरियाणा पहुंचते ही पूरा राज्य जैसे जश्न में डूब गया। साक्षी के घर से लेकर नानी के घर तक हर जगह बस खुशियां ही थीं। हर जगह उनके स्वागत की तैयारियां की गई थीं। ऐसे में लड़कियों के लिए नए-नए फरमान सुनाने वाली खाप ने भी उनके स्वागत की तैयारियों में कसर नहीं छोड़ी। साक्षी मलिक रोहतक की रहने वाली हैं। ऐसे में रोहतक में साक्षी की एंट्री से पहले ही सांपला सरपंच यूनियन के लोग उनके स्वागत में पहुंच गए। रोहतक के बाहर बने एक मंदिर में साक्षी का स्वागत किया गया था। सांपला सरपंच यूनियन के प्रधान बिजेंद्र मलिक ने उनके स्वागत में एक कार्यक्रम भी करवाया था। साक्षी अपने ननिहाल इस्माइला भी गई थीं। उनके साथ वहां बैंड और बाजों का भी बंदोबस्त था। मौके पर साक्षी के मामा राजेश खत्री भी मौजूद थे। वह सिंचाई विभाग में सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर हैं। काम करते हैं।

इससे पहले साक्षी बहादुरगढ़ में हुए एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची थीं। वहां पर सीएम मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद थे। उन्होंने साक्षी का स्वागत करते हुए उन्हें 2.5 करोड़ रुपए का चेक दिया था। इसके साथ ही खट्टर ने साक्षी को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का एंबेसडर बनाने की भी घोषणा की थी। अपने भाषण में साक्षी ने सभी का शुक्रिया भी अदा किया था।

साक्षी ने ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनने के साथ इतिहास रच दिया और वह ओलंपिक पदक जीतने वाली देश की चौथी महिला खिलाड़ी हैं। इससे पहले भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी (सिडनी 2000), मुक्केबाज एम सी मेरीकाम (2012 लंदन), बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल (लंदन 2012) भारत के लिए ओलंपिक में पदक जीतने वाली महिला खिलाड़ी हैं। 23 साल की साक्षी ने 2014 में ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। सक्षी ने 2014 में ही एशियन गेम्स में भी कांस्य पदक जीता था।

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