पत्रकारिता में सर्वोत्कृष्ट मानदंड स्थापित करने वाली खबरों और पत्रकारिता से जुड़ी उपलब्धि के लिए 2015 का रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड यहां बुधवार को एक भव्य समारोह में दिया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। अपने संबाेधन में पीएम ने कहा, ”बहुत कम लोग होते हैं जो अपने जीवन-काल के बाद भी अपने क्षेत्र में, अपना स्थान बनाते हैं। अमरत्व को प्राप्त करते हैं और वह नाम है रामनाथ गोयनका जी। यह मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे गाेयनका जी के दर्शन का सौभाग्य मिला था। रामनाथ जी के भीतर जो आग थी, वो आग हम अनुभव कर सकते थे। देश के आंदोलन के समय कई पत्रकारों को वर्षों तक जेलों में रहना पड़ा, लेकिन उन्होंने लड़ना नहीं छोड़ा। बहुत कम लोगों ने आपातकाल को चुनौती देने का कार्य किया था, जिनका नेतृत्व रामनाथ गाेयनका जी ने किया था, इंडियन एक्सप्रेस ने किया था।” पीएम ने एक रोचक वाकये का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ”जब मैं गुजरात में सीएम था, अहमदाबाद से मेरा काफिला गुजर रहा था। एक नौजवान ने रिकाॅर्डिंग शुरू की। जब उसने वह वीडियो अपलोड किया, तब मेरी बहुत आलोचना हुई जो कभी प्रिंंट में नहीं हुई थी। कितनी ताकत हो गई थी, अब ऐसी क्रेडिबिलिटी बनाए रखना चुनौती हो गई है। आजादी के बाद किसी राजनेता को अगर ऐसा सौभाग्य मिला हो तो मैं अकेला हूं।”
पीएम नरेंद्र मोदी ने खबरों के चुनाव और उनके प्रजेंटेशन को लेकर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि ”पहले खबर आती थी कि फलाने गांव में एक्सीडेंट हुआ, एक घायल हो गया। अब खबर आता है कि शराब पिया हुआ ड्राइवर रैश ड्राइविंग में निर्दोष व्यक्ति को कुचल दिया। बाद में खबर आने लगी कि बीएमडब्ल्यू वाले ने दलित को कुचल दिया। बीएमडब्ल्यू को थोड़े ही न पता था कि वो दलित था। हमें न्यूज की जगह व्यूज पढ़ने को मिलता है। मोदी सरकार का उत्तर प्रदेश चुनावों को ध्यान में रखकर बजट :हमारे लिए बहुत आवश्यक है कि जितनी संस्थाएं एकजुट रख सकती हैं, हम सब मिलकर करेंगे। कोई कारण नहीं है कि हमारा देश पीछे रह सकता है।”
इस दफा यह अवार्ड कई बेहतरीन खबरों के लिए दिया गया। इनमें विधानसभा चुनाव से पहले सियासी भ्रष्टाचार से लेकर स्मार्ट सिटी के लिए तैयार हो रहे मणिपुर के गांव की दास्तां है। दिल्ली की हवा में घुलते जहर और इसकी वजह से जुड़ी खोजी खबरों की शृंखला है। कर्ज हड़पने वाले कारोबारी घरानों से जुड़ी खबरें हैं। ऐसी तीस उम्दा खबरें हैं जिनके लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया जा रहा है। रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड्स प्रिंट-प्रसारण और आॅनलाइन पत्रकारिता में उम्दा काम के लिए(अंग्रेजी-हिंदी व अन्य भाषाओं में) दिया जाता है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2015 में 28 श्रेणियों में चयनित विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे। दरअसल रामनाथ गोयनका अवार्ड भारतीय मीडिया कलेंडर में सबसे बड़ा सालाना आयोजन है। इंडियन एक्सप्रेस समूह की विरासत को महिमामंडित करने के लिए 2005 में रामनाथ फाउंडेशन ने इस अवार्ड की शुरुआत की थी। यह पुरस्कार पत्रकारिता में उत्कृष्टता और निजी तौर पर विशेष तौर पर योगदान देने वाले खबरनवीसों को मान्यता प्रदान करता है।
यहां देखें अवार्ड समारोह का पूरा वीडियो-
यह देश का सबसे बड़ा समाचार माध्यम पुरस्कार है और अब तक पचास समाचार संगठनों (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय) के 300 खबरनवीसों को इस प्रतिष्ठत सम्मान से नवाजा जा चुका है। इस साल सम्मानित होने वाले 37 पत्रकारों की खबरें देश के सभी कोनों- कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर, बड़े शहरों से लेकर छोटे गांवों तक से आती हैं। ये दिखाती हैं कि भारत जितना विविधताओं वाला है, उतना ही जटिल भी। ये खबरें-रपट उन मुद्दों व सवालों पर रोशनी डालती हैं जिन पर बहस और पड़ताल की दरकार है।
रामनाथ गाेयनका अवार्ड लाइव अपडेट्स:

