PM नरेंद्र मोदी कोरोना का टीका लगवाकर पहले ऐसे व्यक्ति बन गए हैं, जिन्हें राष्ट्रव्यापी वैक्सिनेशन प्रोग्राम के तहत टीका लगाया गया। दिल्ली के AIIMS अस्पताल में टीका लगवाने के दौरान मोदी ने नर्स निवेदा से कहा, लगा भी दिया और पता भी न चला। पीएम को वैक्सीन लगाने का काम पुदुचेरी की नर्स निवेदा और केरल की नर्स रोशम्मा अनिल ने किया था। इस दौरान मोदी ने असमिया गमछा अपने गले में डाल रखा था।

AIIMS की मेन नर्स पी. निवेदा ने बताया कि उन्हें आज सुबह ही पता चला कि पीएम मोदी वैक्सीन लेने के लिए अस्पताल आने वाले हैं। यह उनके लिए बेहद गौरव का क्षण था। पीएम से रूबरू होना वाकई बड़ी बोत होती है। उनका कहना है कि पीएम ने टीका लगने के बाद कहा कि लगा भी दिया और पता भी न चला। निवेदा का कहना है कि वह एम्स में तीन साल से कार्यरत हैं।

ध्यान रहे कि पीएम ने भारत बायोटेक कोवैक्सीन का टीका लगवाया है। मोदी ने वैक्सीन लगवाने के बाद कहा- मैंने एम्स में कोरोना वैक्सीन का पहला डोज ले लिया है। कोरोना के खिलाफ हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने कम समय में वैश्विक महामारी के खिलाफ इस लड़ाई को जो रफ्तार दी है, वह असाधारण है। मेरी अपील है कि जो भी वैक्सीन के लिए योग्य हैं, वे इसे जरूर लगवाएं। आइए, मिलकर भारत को कोरोना मुक्त बनाते हैं।

टीकाकरण के लिए Co-WIN ऐप डाउनलोड कर इसकी वेबसाइट cowin.gov.in पर या फिर आरोग्‍य सेतु पर खुद को रजिस्‍टर कर सकते हैं। अपना मोबाइल नंबर डालेंगे तो एक OTP जाएगा। OTP से अपना अकाउंट बनाएं। इसके लिए नाम, उम्र, लिंग भरने के साथ एक पहचान पत्र अपलोड करना होगा। अगर आपकी उम्र 45 साल से ज्‍यादा है और को-मॉर्बिडिटी है तो उसका सर्टिफिकेट अपलोड करें।

इसके बाद टीकाकरण केंद्र और तारीख चुनें। एक मोबाइल नंबर के जरिए 4 अपॉइंटमेंट्स ली जा सकती हैं। वैक्सीन लगाने के लिए बुकिंग 1 मार्च को सुबह 9 बजे से शुरू होगी। वैक्सीन की एक डोज लेने के बाद दूसरी डोज का कार्यक्रम 28 दिन बाद अपने आप से उसी केंद्र पर तय हो जाएगा, जहां से आपने पहली डोज ली है।