पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल को शहीद का दर्जा देने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका डाली गई है। गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने राम किशन को शहीद का दर्जा देने की बात कही थी। बता दें कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन के मामले पर प्रदर्शन कर रहे पूर्व फौजी रामकिशन ग्रेवाल ने सुसाइड कर लिया था। गौरतलब है कि बाद में पता चला था कि राम किशन ग्रेवाल ने अपने पेंशन अकाउंट पर 3.5 लाख रुपए का लोन ले रखा था। राम किशन का वह खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की भिवानी ब्रांच में था उसी खाते में रामकिशन की पेंशन आया करती थी। अंदाजा लगाया जा रहा है कि हो सकता है कि लोन का पैसा ना चुका पाने से परेशान होकर ही राम किशन ने सुसाइड किया हो। एसबीआई ब्रांच पर पूछताछ से पता चला कि लोन 2015 में लिया गया था। लोन के पैसे के बारे में रामकिशन के परिवार को जानकारी नहीं है। राम किशन के बेटे जसवंत ने कहा कि उनको बैंक से लिए गए लोन के बारे में कुछ नहीं पता। जसवंत ने कहा, ‘मुझे और मेरे भाईयों को पिताजी के लोन लेने के बारे में नहीं पता।’
राम किशन ग्रेवाल का एक ऑडियो भी सामने आया था। उसमें वह अपने बेटे से बात कर रहे थे। उस बातचीत में उन्होंने अपने बेटे को जहर खा लेने की बात कही थी।
ऑडियो में ग्रेवाल अपने बेटे से कह रहे थे, ‘मैंने जहर खा लिया है और इंडिया गेट पर बैठा हूं। मैंने तीन-चार सल्फास की गोलियां खाई हैं। हमारे साथ अनर्थ हुआ है। हमारे जवानों को न्याय नहीं मिला। हमारे जवानों के साथ जो अनर्थ और अन्याय हो रहा है, वह देखा नहीं गया। हम लोगों ने अपनी लड़ाई लड़ी। अब आगे ये जवान जानें कि क्या करेंगे और क्या नहीं। हम अपने उसूलों के आदमी हैं। मेरे जवानों, देश और मातृभूमि के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी है।’
#FLASH PIL filed in Delhi HC against Delhi Govt for granting 'martyr' status to Ram Kishan Grewal who allegedly committed suicide over #OROP
— ANI (@ANI) November 5, 2016
