फ्रांस की अपनी यात्रा के दौरान पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नए भारत’ के निर्माण के सरकार के इरादे को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत में अस्थायी चीजों के लिए कोई जगह नहीं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे से संबंधित अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले के बारे में संकेत करते हुए कहा, ‘भारत में अस्थायी चीजों के लिए कोई जगह नहीं है। आपने देखा होगा कि 1.25 अरब लोगों के देश में, महात्मा गांधी, गौतम बुद्ध, राम, कृष्ण की भूमि में, उसे हटाने में 70 साल लग गए, जो अस्थायी था।’ तीन बाकी देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में फ्रांस पहुंचे मोदी ने कहा कि पिछले पांच साल में कई सकारात्मक बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव का प्रचंड जनादेश सिर्फ एक सरकार को नहीं, बल्कि एक ऐसे ‘नए भारत’ (न्यू इंडिया) के निर्माण के लिए है, जो कारोबार की सुगमता के साथ बेहतर जीवनयापन पर केंद्रित हो।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस में 1950 और 1960 के दशक में एअर इंडिया के दो विमान हादसों में मारे गए लोगों के सम्मान में एक स्मारक का उद्घाटन करने के बाद यहां यूनेस्को मुख्यालय में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि ‘न्यू इंडिया’ में भ्रष्टाचार, परिवारवाद, जनता के पैसे की लूट, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। तीन तलाक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘हमने तीन तलाक की प्रथा को खत्म किया, नए भारत में मुसलिम महिलाओं के साथ अन्याय नहीं किया जा सकता।’
उन्होंने कहा, ‘भारत मोदी की वजह से आगे नहीं बढ़ रहा। यह भारत की जनता की मुहर लगने की वजह से आगे बढ़ रहा है जो उसने अपने वोटों के रूप में लगाई है।’ इस दौरान उपस्थित लोगों ने ‘मोदी है तो मुमकिन है’ के नारे लगाए। मोदी ने कहा कि भारत आशा और आकांक्षाओं की यात्रा पर बढ़ चला है और 130 करोड़ देशवासियों के सामूहिक प्रयासों से देश विकास के पथ पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। यही कारण है कि लोगों ने दोबारा प्रचंड जनादेश दिया है। यह जनादेश केवल सरकार के लिए नहीं, बल्कि एक नए भारत के निर्माण के लिए है। ऐसा नया भारत जिसकी समृद्ध संस्कृति पर दुनिया को गौरव हो। एक नया भारत, जिसमें कारोबार सुगमता पर ध्यान दिया जाए और जीवनशैली को भी आसान बनाया जाए।’
मोदी ने अपने भाषण में विकास और जनता के सशक्तीकरण के लिए उठाए गए कुछ कदम भी गिनाए, जिनमें बैंक खाते खोलना और दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान का उल्लेख किया गया। उन्होंने ‘जल शक्ति’ मंत्रालय के सृजन का भी उल्लेख किया। गरीब किसानों और व्यापारियों को पेंशन का भी उल्लेख उनके भाषण में आया। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न संसद सत्र पिछले छह दशक में सबसे अधिक कामकाज वाला रहा।
