संसद के शीतकालीन सत्र का शुक्रवार (2 दिसंबर) को 13वां दिन था। सदन में आज मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में सेना तैनाती का मुद्दा उठाया गया। हंगामे के बाद राज्यसभा तथा लोकसभा सोमवार तक के लिए स्थगित हो गई। कार्यवाही से पहले कांग्रेस पार्टी की संसदीय दल की बैठक की गई। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने राहुल गांधी ने संसद में पहली बार पार्टी की बैठक की अध्यक्षता की।
क्या है सेना की तैनाती का मामला:
दरअसल बंगाल के विभिन्न हिस्सों में सेना तैनात है। सीएम ममता बनर्जी इसे केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश सरकार को डराने का मामला बता रही है तो वहीं सेना ने अपने अभ्यास बताया है। ममता बनर्जी का आरोप है प्रदेश सरकार को सूचित किए बगैर गुरुवार को राज्य सचिवालय नबन्ना के पास स्थित टोल प्लाजा पर दो टोल प्लाजा पर सेना तैनात की गई है जो ‘अभूतपूर्व और गंभीर मुद्दा है।’ उन्होंने इसका विरोध करते हुए राज्य सचिवालय में ही डेरा डाल लिया था। टोल प्लाजा से सैन्यकर्मियों के हटने तक उन्होंने कार्यालय छोड़ने से इनकार कर दिया था।
बैठक में क्या बोले राहुल गांधी:
बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने देश को कभी ऐसा प्रधानमंत्री नहीं दिया जो खुद अपनी छवि का कैदी हो। राहुल ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी टीआरपी की राजनीति में ज्यादा रुचि रखते हैं। बैठक में राहुल ने मोदी सरकार द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार करके पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में की गई सर्जिकल स्ट्राइक की सफलता पर भी सवाल खड़े किए। राहुल ने कहा, “इस वक्त सरकार को एक समेकित नीति बनाने की सख्त जरूरत है। हमसे कहा गया था कि सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान की तरफ से होने वाले सीमापार हमले रोकने के लिए की गई थी। लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कश्मीर में 21 बड़े हमले हो चुके हैं और सैकड़ों बार सीजफायर का उल्लंघन हो चुका है।

