संसद का मॉनसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कैबिनेट में फेरबदल किए जाने के बाद यह पहला संसद सत्र है। कई मंत्रियों के पर कतर दिए गए हैं तो कई को पुचकारा गया है। इसके अलावा राज्यसभा चुनावों के बाद भी नए सांसद अपनी छाप छोड़ने को तैयार हैं। आइए जानते हैं कि मानसून सत्र के दौरान वे कौनसे पांच सांसद हैं जो नजरों में रहेंगे।

हाल ही में एचआरडी मिनिस्ट्री से हटाकर कपड़ा मंत्री बनाए जाने वाली ईरानी को कुछ दिन पहले संसदीय मामलों की कैबिनेट कमेटी से भी हटा दिया गया है। पिछले संसद सत्र में दिया गया उनका भाषण कफी चर्चा में रहा था, मगर अब क्या वे उसी तरह इस सत्र में मुखर हो पाएंगी, यह देखने वाली बात होगी।

उत्तर प्रदेश के चुनावों पर सबकी नजर है। ऐसे में वहां के प्रभारी राज बब्बर पर संसद में सबकी निगाहें होंगी। वह कम बोलते नजर आते हैं, लेकिन अब संसद में वे जो भी बोलेंगे, वह चुनावों को ध्यान में रखकर ही बोलेंगे।

उत्तर प्रदेश में अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल को स्वास्थ्य राज्य मंत्री बनाया गया है। यह बतौर मंत्री उनका पहला कार्यकाल है, इसलिए उनके सामने संसद का दबाव और मंत्रालय के कामकाज को समझने की दोहरी चुनौती होगी।

कैबिनेट फेरबदल में मोदी के सबसे चहेते साबित हुए प्रकाश जावड़ेकर को कैबिनेट रैंक के साथ एचआरडी मिनिस्ट्री दी गई है। स्मृति के कार्यकाल में विवादों में रहे मंत्रालय को फिर से ढर्रे पर लाने की जिम्मेवारी उनके कंधों पर है। जावड़ेकर मृदुभाषी हैं, इसलिए संसद में उनका रुख देखने लायक रहेगा।

भाजपा सरकार के वरिष्ठ नेता अनंत कुमार को हाल ही में संसदीय कार्य मंत्री बनाया गया है। संसद में, खासकर राज्यसभा में, जहां सरकार के पास बहुमत नहीं है, कुमार की चुनौती समर्थन जुटाने की होगी। जीएसटी बिल उनकी पहली परीक्षा साबित होगा।

