राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात से पहले ही विपक्षी दल में फूट पड़ गई। राष्ट्रपति से विपक्षी दल की मुलाकात में एनसीपी शामिल नहीं होगी। एकता टूटने के लिए कांग्रेस पर आरोप लगे हैं। एनसीपी ने कहा, “किसानों की समस्या को लेकर कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी से मिलने अकेले क्यों गए। क्या दूसरी पार्टियों को किसानों की चिंता नहीं है।” बता दें कि किसानों का कर्ज माफी और मुफ्त बिजली की मांग के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अन्य नेताओं के साथ पीएम मोदी से मुलाकात की। 2 करोड़ किसानों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन सौपां और कर्ज माफी की मांग की। हमने प्रधानमंत्री जी से कहा कि वो जल्दी से जल्दी किसानों को राहत दें और उनका कर्जा माफ करें। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा, “हमने पीएम से मुलाकात की और किसानों के कर्ज, सुसाइज व एमएसपी को लेकर बात की। पीएम ने मामले पर एक्शन लेने का आश्वासन दिया।”

गौर हो कि नोटबंदी के मुद्दे पर राष्ट्रपति के आगे अपना पक्ष रखने के लिए विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से समय देने की मांग की था। विपक्ष की योजना है कि आम आदमी को हो रही परेशानियों तथा संसद में विपक्ष को ‘बोलने नहीं देने’ के मुद्दों से उन्हें अवगत कराया जा सके। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के कक्ष में हुई बैठक में विभिन्न विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने नोटबंदी के कारण किसानों और आम लोगों को हो रही परेशानियों का मुद्दा राष्ट्रपति के समक्ष उठाने का फैसला किया था।