हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा को काबू न कर पाने को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उमर अब्दुला ने कहा कि पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा,’अगर प्रधानमंत्री ब्लूचिस्तान पर बात करना चाहते हैं तो कर सकते हैं लेकिन जम्मू-कश्मीर के उस हिस्से की बात करें जो जल रहा है। जब अपने घर में आग लगी हो, तो बजाय अपने घर में आग बुझाने के हम दूसरे के घर में आग लगाने का काम कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि हम भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के समर्थक है। पीएम मोदी और शरीफ की जिम्मेदारी की दोनों संवाद स्थापित करने का माहौल तैयार करें। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पाकिस्‍तान द्वारा आतंक को पोषित करने की बात करते हुए कहा, ”जहां आतंकवादी हमला होने पर जश्‍न मनाया जाता हो, वहां की सरकार कैसी होगी, पता नहीं मैं और जिक्र नहीं करना चाहता। पिछले कुछ दिनों में गिलगित, बलूचिस्‍तान, पीओके के लोगों ने जिस प्रकार मुझे धन्‍यवाद दिया है। जिन लोगों से मेरी कभी मुलाकात नहीं हुई है, ऐसे लोग हिंदुस्‍तान के प्रधानमंत्री का आदर करते हैं तो हम मेरे सवा सौ करोड़ देशवासियों का सम्‍मान है।”

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य में जो हो रहा है, उसके लिए महबूबा मुफ्ती को छोड़कर हर कोई जिम्मेदार है। मुफ्ती राजनीति का बहुत खराब रूप खेल रही हैं, जिसमें उन्होंने नेहरू से लेकर मोदी तक सबको जिम्मेदार ठहराया है। हम (नेशनल कॉन्फ्रेंस) पिछले 40 दिनों से सकरात्मक विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कुर्सी की लड़ाई नहीं है, यह जम्मू-कश्मीर की आने वाली जेनरेशन के भविष्य को बचाने के लिए हैं।

पूर्व सीएम ने कहा, ‘जब आप कहते हैं कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है तो आप जमीन की बात कर रहे होते हैं, लोगों की नहीं। उन्हें भी इसमें शामिल करें। उन्होंने कहा कि गुजरात को छोटी सी समस्या होती है तो पीएम लोगों से गुजराती में बात कर लेते हैं। क्या हमारी परेशानियां काफी नहीं हैं।’ हम चाहते हैं कि केंद्र सुरक्षा बलों के अत्यधिक इस्तेमाल को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए, इस मामले में न्यायिक जांच की जरूरत है।