एनएसजी अधिकारियों का एक विशेष दल बांग्लादेश में ईद की नमाज के लिए जुटे लोगों पर गुरुवार (7 जुलाई) को बोले गए बम हमलों और बीते दिनों एक उच्च स्तरीय रेस्तरां में आतंकियों द्वारा लोगों को बंधक बनाकर किए गए आतंकी हमले का ‘अध्ययन और विश्लेषण’ करने के लिए बांग्लादेश जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के अधिकारियों के एक दल को सरकार ने ढाका की यात्रा करने के लिए अधिकृत किया है। बांग्लादेश में विशेष बलों के प्रतिष्ठान ने एनएसजी के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया था, जिसमें उसने स्थिति को प्रत्यक्ष तौर पर समझने के लिए आतंकी हमलों वाली जगहों का दौरा करने की इच्छा जताई थी।

इस दल में विस्फोट के बाद विश्लेषण और आतंकवाद विरोधी अभियानों में माहिर एनएसजी के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह दल एक जुलाई की घटना और गुरुवार (7 जुलाई) को बांग्लादेश के किशोरगंज में हुई बमबारी का अध्ययन एवं विश्लेषण करेगा। एक जुलाई को आतंकियों ने एक बेकरी में लोगों को बंधक बना लिया था और 22 लोगों की हत्या कर दी थी।

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उन्होंने कहा कि एनएसजी अपने बांग्लादेश के समकक्षों के साथ समन्वय करते हुए माहौल का अध्ययन करना चाहता है। इसकी समझ विकसित करके दोनों पड़ोसी देशों में आतंकवाद रोधी सहयोग तो बढ़ेगा ही साथ ही कमांडो फोर्स की अभियानों से जुड़ी जानकारी भी बढ़ाई जा सकेगी। एनएसजी भारत का संघीय आतंकवाद-रोधी और अपहरण-रोधी बल है। इसे वर्ष 1984 में स्थापित किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि एनएसजी के दल पूर्व में भी आतंकी घटनाओं के खिलाफ अपनी तैयारी को मुस्तैद बनाने के लिए कई अन्य मित्र देशों का दौरा कर चुके हैं।

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चरमपंथी इस्लामियों ने गुरुवार (7 जुलाई) को उत्तरी किशोरगंज जिले के शोलकिया में देसी बमों में विस्फोट किए थे और बांग्लादेशी पुलिस के साथ उनकी गोलीबारी भी हुई। यहां ईद की नमाज के लिए कम से कम दो लाख लोग जुटे थे। इस आतंकी गतिविधि में एक पुलिसकर्मी और एक आतंकी मारा गया था। बीते सप्ताह ढाका में हुए घातक आतंकी हमले में 22 लोग मारे गए थे, जिनमें एक भारतीय लड़की भी शामिल थी।