भारत में 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद किए जाने के ऐलान के बाद 31 दिसंबर तक पुराने जमा कराए जाने का वक्त दिया गया था। इसके साथ ही एक सीमा में पुराने नोट नए नोटों से एक्सचेंज करने भी छूट दी गई थी। लेकिन अभी कुछ रिपोर्ट्स आई थीं कि बैंकों द्वारा पुराने नोटों को बदलना बंद किया जाएगा। लेकिन सरकार का पुराने नोट बदलने पर रोक लगाने का कोई विचार नहीं है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने एक आधिकारिक सूत्र के हवाले से बताया कि पुराने नोट बदलने पर रोक लगाने को लेकर अभी सरकार का कोई विचार नहीं है। इससे पहले रिपोर्ट्स आई थीं कि सरकार पुराने नोटों को बदलने पर रोक लगाने के बारे में विचार कर रही है। गुरुवार को सरकार ने पुराने नोटों को नए नोटों से बदलने की सीमा को 4500 से घटाकर 2000 रुपए की है। शुरुआत में यह सीमा 4000 रुपए थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 4500 रुपए कर दिया गया था। सरकार ने कहा था कि पुराने नोट बदलने की सीमा इसलिए कम की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को कैश मिल सके।
इसी बीच रिपोर्ट्स आई थीं कि लोग अलग-अलग ब्रांच में जाकर अपने पुराने नोट बदलवा रहे हैं। इसके लिए सरकार ने फैसला किया था कि पुराने नोट बदलने वाले की उंगुली पर अमिट स्याही का निशान लगाया जाएगा। इसके बाद शुक्रवार को चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय के पत्र लिखकर अमिट स्याही नहीं लगाने के लिए कहा था। चुनाव आयोग ने कहा था कि कई राज्यों में मतदान होने वाले हैं, ऐसे में दिक्कत हो सकती हैं। क्योंकि अमिट स्याही उन्हें लगाई जाती है, जो एक बार वोट डाल देते हैं।
इसके साथ ही रिपोर्ट्स आ रही हैं कि आरबीआई पुराने नोट जमा कराने को लेकर नई गाइडलाइंस जारी कर सकती है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई शुक्रवार रात को घोषणा कर सकता है कि बैंक की जिस ब्रांच में आपका अकाउंट है, वहीं आप अपने पुराने नोट जमा करा सकते हैं। इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में सरकार के एक सूत्र के हवाले से लिखा कि यह निर्देश जल्द ही जारी किया जा सकता है। अभी तक यह प्रावधान था कि किसी भी बैंक में आईडी प्रूफ और एक फॉर्म के साथ पुराने नोट जमा कराए जा सकते हैं।
