देश में आज मध्यरात्रि से माल एवं सेवाकर (जीएसटी) की शुरुआत होने पर भारत दुनिया के उन कुछ गिने चुने देशों में शामिल हो गया है जिनमें राष्ट्रीय स्तर पर एक बिक्री कर लागू है। जीएसटी को आजादी के बाद देश का सबसे बड़ा कर सुधार माना जा रहा है। जीएसटी के लागू होने से केन्द्र और राज्यों के स्तर पर लगने वाले एक दर्जन से अधिक कर समाप्त हो जायेंगे और उनके स्थान में केवल जीएसटी लगेगा।
जीएसटी की शुरुआत के मौके पर संसद के केन्द्रीय कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और पूर्वप्रधानमंत्री देवेगोड़ा के साथ वित्त मंत्री अरूण जेटली मंच पर उपस्थित थे। इसके अलावा बालीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन, स्वर कोकिला लता मंगेशकर और प्रमुख उद्योगपति रतन टाटा संसद के केंद्रीय कक्ष में तमाम सांसदों और आमंत्रित अतिथियों के साथ इस अवसर पर उपस्थित रहे।
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस कार्यक्रम से दूर रही। कांग्रेस ने जीएसटी की शुरुआत के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम को ‘‘तमाशा’’ करार दिया। कांग्रेस के इसी बहिष्कार के चलते पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस कार्यक्रम से दूर रहे। तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, डीएमके और वामपंथी दलों ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया। हालांकि, राष्ट्रवादी कांग्रेस, जनता दल-यू और जनता दल-सेक्युलर ने विपक्षी एकता में सेंध लगाते हुये कार्यक्रम में भाग लिया। जीएसटी से देश की $2,000 अरब की अर्थव्यवस्था और 1.3 अरब लोग सभी एक साथ जुड़ जायेंगे और पूरा देश एक साझा बाजार बन जायेगा। इस समूची प्रक्रिया को पूरा होने में 17 सालों का लंबा समय लगा है। जीएसटी से वर्तमान बहुस्तरीय कर व्यवस्था समाप्त होगी और कर के ऊपर कर लगने से माल की लागत पर बढ़ने वाला बोझ भी समाप्त होगा।
जीएसटी को कारोबार सुगमता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है। हालांकि, छोटे कारोबारी और व्यापारी इस नई कर प्रणाली को लेकर कुछ घबराहट में हैं। जीएसटी में कर भुगतान प्रणाली को लेकर उपजी आशंकाओं के चलते उत्तर प्रदेश में व्यापारियों ने एक रेलगाड़ी को रोक दिया। कई शहरों में इस दौरान थोक जिस बाजार बंद रहे।
जीएसटी को लेकर कश्मीर में कल बंद का आ’’वान किया गया है जबकि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में आज छिटपुट बंद के समाचार थे। पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में जगह जगह विरोध प्रदर्शन हुये।
#GST formally launched in Parliament by PM Modi and President Mukherjee. pic.twitter.com/BcGOG7gflS
— ANI (@ANI) June 30, 2017

