सीबीआई ने नारद स्टिंग मामले में पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित 13 लोगों के खिलाफ सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की। सीबीआई के प्रवक्ता देवप्रीत सिंह ने आईएएनएस से कहा, “प्राथमिकी की सूची में उन सभी 12 लोगों को शामिल किया गया है, जिन्हें नारदा स्टिंग ऑपरेशन फुटेज में धन स्वीकारते देखा गया है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अपरूपा पोद्दार का नाम भी प्राथमिकी में शामिल है।” सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी में शामिल लोगों में तृणमूल के उपाध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य मुकुल रॉय, लोकसभा सदस्य सौगत रॉय, सुल्तान अहमद, काकली घोष दस्तिदार, राज्य के मंत्री सुब्रत मुखर्जी, फरहाद हकीम, शहर के मेयर और राज्य के मंत्री सोवन चटर्जी तथा पूर्व मंत्री मदन मित्रा के नाम शामिल हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ठीक एक महीने पहले 17 मार्च को नारदा स्टिंग फुटेज मामले में सीबीआई को प्राथमिक जांच का आदेश दिया था, और 72 घंटों के भीतर रपट सौंपने को कहा था।
तृणमूल ने उसके बाद 21 मार्च को उच्च न्यायालय के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया था, लेकिन प्राथमिक जांच की समय सीमा एक माह कर दी थी। यह विवाद पश्चिम बंगाल में पिछले वर्ष मार्च में उस समय सामने आया था, जब नारद न्यूज पोर्टल ने कई सारे वीडियो अपलोड किए थे, जिनमें तृणमूल कांग्रेस के कई बड़े नेताओं को एक फर्जी कंपनी का पक्ष लेने के बदले रुपये स्वीकारते देखा गया था।
