संसद के सेंट्रल हॉल में इन दिनों मच्छरोंं का काफी आतंक है। हालत यह है कि पूरे हॉल में पेस्टीसाइड्स और मच्छर दूर करने वाले रेपलेंट्स का छिड़काव करवाया गया। इस दौरान बदबू से परेशान होकर कई सांसद बाहर चले गए। छिड़काव के बावजूद समस्या हटी नहीं। तब संसदीय सचिवालय ने सेंट्रल हॉल में विभिन्न जगहों पर 6 कर्मचारी तैनात किए गए और इलेक्ट्रॉनिक मॉस्किटो रेपलेंट (मच्छर भगाने वाली इलेक्ट्रॉनिक मशीन) लगाए गए। मच्छरों पर इस डिवाइस का भी पूरा असर नहीं हुआ। मच्छरों पर किसी तरह से लगाम नहीं लग पा रही है जिससे सांसदों का सदन में बैठ पाना मुश्किल हो गया है।
मॉनसून के आगमन के साथ ही पिछले एक सप्ताह से दिल्ली में हर दूसरे दिन तेज बारिश हो रही है। संसद में जल-निकासी की समुचित व्यवस्था है, इसके बावजूद मच्छरों का प्रकोप रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली में पिछले कुछ सालों में डेंगू का कहर देखते हुए संसद में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने बुधवार को भी बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘अधिकतम और न्यूनतम तापमान 33 और 27.3 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।’
