उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने सीएम अखिलेश यादव का इस्तीफा मांगा है। बुलंदशहर में शुक्रवार को बंदूक की नोंक पर अंजाम दिए गए गैंगरेप पर संसद में भी हंगामा होने के आसार हैं। मायावती ने संसद सत्र में हिस्सा लेने जाने से पहले कहा, ”अगर आप (अखिलेश) लॉ एंड ऑर्डर नहीं संभाल सकते तो इस्तीफा दे दें। अगर यूपी संभाला नहीं जा रहा है तो बेहतर होगा कि सीएम के पद से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। ये मेरी सलाह है। इस घटना से साफ जाहिर हो गया कि यूपी में कानून का राज नहीं, जंगल राज चल रहा है।” शुक्रवार, 30 जुलाई को बुलंदशहर के करीब डकैतों ने बंदूक की नोक पर एक परिवार को कार से बाहर घसीट कर महिला और उसकी बेटी से बर्बर गैंगरेप किया था। रविवार को यूपी पुलिस ने दावा किया कि उसने तीन आरोपियों को पकड़ लिया है।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावेद अहमद तुरंत मुख्यमंत्री अखिलेश के निर्देश पर बुलंदशहर रवाना हो गए थे। दिल्ली-कानपुर हाइवे पर दोस्तपुर गांव में हुई वारदात में जावेद ने हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान नरेश (25), बबलू (22) और रर्इस (28) के रूप में की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिया है, वे सभी एक आदिवासी जाति से आते हैं। पकड़े गए लोगाें में से बावरिया गैंग के तीन सदस्यों को पीड़ितों ने पहचान लिया है। सभी आरोपियों पर कठोर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
जब वारदात पर हंगामा मचना शुरू हुआ तो मुख्यमंत्री ने नींद से जागते हुए बुलंदशहर के एसपी वैभव किशन, एसपी सिटी राममोहन सिंह, सर्किल ऑफिसर (सदर) हिमांशु गौरव और कोतवाली देहात के थाना प्रभारी रामसेन सिंह को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया है।
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