केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को जम्मू व कश्मीर की स्थिति पर एक उच्चस्तरीय बैठक की। सिंह ने सुरक्षा बलों को राज्य में जल्द से जल्द हालात सामान्य करने और शांति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हिंसाग्रस्त राज्य में नागरिकों और सुरक्षा बलों को कम से कम नुकसान हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उच्च अधिकारियों ने गृह मंत्री को कश्मीर के ताजा हालात से रूबरू कराया और कश्मीर के उरी सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) से हुई घुसपैठ की कोशिश के बारे में जानकारी दी। नई दिल्ली में हुई बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, गृह सचिव राजीव महर्षि, खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों के अलावा अन्य उच्च नागरिक और सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कश्मीर घाटी में मंगलवार को ताजा हिंसा में सुरक्षा बलों की फायरिंग में पांच प्रदर्शनकारी मारे गए। घाटी में 8 जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की सुरक्षा बलों द्वारा हत्या के बाद फैली हिंसा में अब तक 65 लोग मारे जा चुके हैं।
सोमवार को चार उग्रवादियों ने श्रीनगर के पुराने इलाके में सिक्योरिटी पैट्रोल कर रही टीम पर ग्रेनेड फेंका और फायरिंग की। हमले में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 49वीं बटालियन के कमांडेंट प्रमोद कुमार सोमवार को शहीद हो गए। सूत्रों के मुताबिक, बड़गाम और अनंतनाग से भी हिंसा और पत्थरबाजी की खबर है। बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने असम में उग्रवादी हमलों के बाद पूरी सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की। असम के चराईडो और तिनसुकिया जिले में 70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सोमवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने पांच बम धमाके किए। इससे पहले 5 अगस्त को असम के कोकराझार में नेशनल डेमाक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (सांगबिजीत) के उग्रवादियों के हमले में 14 लोगों की मौत और कम से कम 20 लोग घायल हुए थे।
