सीनियर कांग्रेस लीडर मणिशंकर अय्यर ने बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार से कहा कि वे कश्‍मीर में जारी हिंसा के लिए पाकिस्‍तान को दोष न दें। उन्‍होंने सुझाव दिया कि सत्‍ता पक्ष पाकिस्‍तान और अलगाववादी नेताओं से बातचीत शुरू करे। अय्यर ने एएनआई से बातचीत में कहा, ‘कश्‍मीर हमारी समस्‍या है। हम सिर्फ यह नहीं कह सकते कि पाकिस्‍तान इसकी वजह है। वे कश्‍मीर के लिए वो करते रहेंगे जैसा वे पहले करते आए हैं। दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहनी चाहिए। इसके अलावा सभी नेताओं से चाहे वे हुर्रियत हों, मुफ्ती जी या अलगाववादी संगठन।’

अय्यर ने कहा, ‘यह समझने की जरूरत है कि सिर्फ कश्‍मीर होना काफी नहीं है। हमें यह सुनिश्‍च‍ित करना होगा कि कश्‍मीरी भी हमारे हैं। हमें कश्‍मीर के लोगों के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू करनी होगी ताकि सिर्फ कश्‍मीर ही नहीं, कश्‍मीरी भी हमारे हो सकें। अगर वे (मोदी) पाकिस्‍तान से या कश्‍मीर में असंतुष्‍ट लोगों से बात नहीं करेंगे तो किससे करेंगे? क्‍या गऊ रक्षकों से?’ अय्यर ने पीएम मोदी के उस बयान की भी आलोचना की जिसमें उन्‍होंने कहा था कि सरकार कश्‍मीर पर अटल बिहारी वाजपेयी के दिखाए रास्‍ते पर चलेगी। उन्‍होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि उन्‍हें पूरी तरह वाजपेयी के रास्‍ते का अनुसरण नहीं करना चाहिए। उन्‍हें नरसिम्हा राव, इंद्र कुमार गुजराल और डॉ मनमोहन सिंह के उठाए गए कदमों पर भी ध्‍यान देना चाहिए।