हिजाब विवाद की सुनवाई कर रहे कर्नाटक हाईकोर्ट के पैनल में शामिल एक जज के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने को लेकर बेंगलुरु पुलिस ने कन्नड़ फिल्मों के अभिनेता चेतन कुमार अहिंसा को गिरफ्तार किया है।

बेंगलुरु पुलिस के डिप्टी कमिश्नर एम एन अनुशेठ ने समाचार एजेंसी पीटीआई को जानकारी देते हुए बताया कि कन्नड़ फिल्म अभिनेता और कार्यकर्ता चेतन अहिंसा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मंगलवार को अभिनेता के एक ट्वीट के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 और 504 के तहत शेषाद्रीपुरम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

दरअसल चेतन अहिंसा ने 16 फरवरी को कर्नाटक हाई कोर्ट के जज जस्टिस कृष्णा दीक्षित को लेकर किए गए अपने एक पुराने ट्वीट को री-ट्वीट किया था। अहिंसा के उस ट्वीट में जस्टिस कृष्णा दीक्षित द्वारा बलात्कार के एक मामले में गिरफ्तारी से पहले ही जमानत देने का जिक्र था। 27 जून 2020 को अहिंसा ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि इस सप्ताह कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कृष्णा दीक्षित ने यह कहते हुए आरोपी को गिरफ़्तारी से पहले ही जमानत दे दी कि बलात्कार के बाद सोना भारतीय महिला के लिए अशोभनीय है। साथ ही जज ने यह भी कहा कि महिलाओं की प्रतिक्रिया ऐसी नहीं होती है जब उनके साथ इस तरह की घटना होती है। अपने ट्वीट में चेतन ने लिखा कि अशोभनीय इस न्यायपालिका दीक्षित जीवाश्म की 21वीं सदी की गलतफहमी है।

अपने उसी ट्वीट को कुछ दिनों पहले अभिनेता ने रीट्वीट करते हुए लिखा कि इस ट्वीट को मैंने लगभग दो साल पहले कर्नाटक उच्च न्यायालय के एक फैसले को लेकर लिखा था। जस्टिस कृष्णा दीक्षित ने रेप के एक मामले में इस तरह की टिप्पणी की थी। अब यही जज तय कर रहे हैं कि सरकारी स्कूलों में हिजाब स्वीकार्य है या नहीं। क्या उनके पास इस मामले को लेकर आवश्यक स्पष्टता है?

अभिनेता चेतन अहिंसा को पुलिस के द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद दलित कार्यकर्ताओं ने शेषाद्रीपुरम पुलिस स्टेशन का घेराव भी किया। शेषाद्रीपुरम पुलिस स्टेशन के पास प्रदर्शन कर रही चेतन की पत्नी मेघा एस ने कहा कि मैं पुलिस स्टेशन आई थी लेकिन उन्होंने अभी तक मुझे कोई भी जानकारी नहीं दी। मेरे घर में मौजूद होने के बावजूद वे मुझे बिना बताए ही उन्हें घर से ले गए।