देश में लोगों के पास सूचना का अधिकार है लेकिन सूचना मिलने में कितना समय लगता है यह किसी से छिपा नहीं है। आरटीआई अपीलों के लंबित पड़े रहने को लेकर एक चौकाने वाला खुलासा सामने आया है। अगर आप असम में रहते हैं या वहां के किसी सरकारी विभाग से कोई जानकारी चाहते हैं, तो हो सकता है कि आपको 30 साल तक इंतजार करना पड़े। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक यह बात सामने आई है। खबर के मुकाबिक रिसर्च एंड एनालिसिस ग्रुप और सतर्क नागरिक संगठन, 16 राज्यों के सूचना आयोग की कार्यक्षमता पर रिसर्च कर रहे हैं। रिसर्च में यह दावा किया गया है कि बीते दो सालों में असम में आरटीआई अपीलों के लंबित पड़े रहने के मामलों में 240% की बढ़ोतरी हुई है। इस हिसाब से असम में सूचना विभाग से सूचना मिलने में 30 साल तक का समय लग सकता है। इसके साथ ही स्टडी में पश्चिम बंगाल में सूचना मिलने का “वेटिंग टाइम” 11 साल और केरल का “वेटिंग टाइम” 7 साल बताया गया है।
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इससे पहले 2014 में ऐसी स्टडी की गई थी। उस समय असम में जहां वेटिंग टाइम 2 साल 8 महीने था वहीं अब यह 30 साल तक पहुंच चुका है। दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल ने अपनी समय सीमा में थोड़ा सुधार किया है। 2014 में वेटिंग टाइम 17 साल 3 महीने था जो कि अब नई स्टडी के मुताबिक 11 साल 3 महीने बताया गया है। स्टडी में सबसे बुरा हाल केरल का बताया है। केरल में 2014 में वेटिंग टाइम 2 साल 3 महीने था जो कि अब बढ़कर 7 साल 4 महीने बताया जा रहा है। इसके अलावा रिपोर्ट सूचना आयुक्तों द्वारा आरटीआई कानून का उल्लंघन होने पर सूचना अधिकारियों पर की गई कार्रवाई के बारे में भी बताती है। सूचना आयुक्तों को यह अधिकार है कि वह आरटीआई कानून का उल्लंघन होने पर सूचना अधिकारियों पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगा सकते हैं, लेकिन इन 16 राज्यों की स्टडी में यह बात सामने आई है कि सूचना आयुक्तों ने सिर्फ 1.3 प्रतिशत मामलों में ही जुर्माना लगाया।

