सैकड़ों करोड़ रुपए के सृजन घपले की जांच कर रही सीबीआइ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी इंदु गुप्ता की पटना स्थित करोड़ों रुपए की चल-अचल संपत्ति कुर्क कर ली। इन जायदाद में एएन कालेज के नजदीक श्रीभगवान कुंज अपार्टमेंट वाले इनके नाम के रिहायशी फ्लैट, शास्त्री नगर की आदर्श कालोनी में भूखंड की कीमत करीब पौने करोड़ रुपए हैं। कदमकुआं के बाकरगंज डूंडा शाही कॉम्पेक्स वाली दो दुकानें । जिनमें एक की कीमत पचास लाख रुपए बताई जाती है।

इंदु गुप्ता के बैंक खाते में सृजन महिला विकास सहयोग समिति ने पांच करोड़ रुपए से ज्यादा ट्रांसफर किए है। सृजन घोटाला उजागर होने के बाद इनके भागलपुर वाले फ्लैट पर पुलिस की एसआइटी ने छापा मारा था। तब तक ये वहां से निकल गई थी। और तभी से फरार है। छापे के दौरान इनका बैंक खाता का पासबुक मिला। जिसमें डेढ़ करोड़ रुपए जमा थे। पुलिस ने फौरन इसकी निकासी पर रोक लगा दी था।

साथ ही सृजन का इनके नाम बैंक आफ बड़ौदा का 25 लाख रुपए का चेक मिला था। जो जब्त कर लिया था। करीब 99 लाख रुपए के गहने की खरीद की रसीद एसआइटी ने बरामद की थी। गहने तो पुलिस को छापेमारी में नहीं मिले थे। मगर गहनों के खाली डब्बे जरूर मिले थे। तब के एसएसपी मनोज कुमार ने बताया था कि उम्मीद है कि वे गहने पहनकर फरार हुई है।

इसके बाद सीबीआइ ने उन्हें हाजिर होने नोटिस दिया। उन पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया। फिर भी वह हाजिर नहीं हुई तो फरार घोषित कर उनके आवास पर इश्तेहार चस्पा दिया। फिर भी वे सामने नहीं आई। तो सीबीआइ अदालत ने उनकी जायदाद को कुर्की जब्ती करने का वारंट जारी कर दिया। जो गुरुवार देर शाम तामील किया गया।

इंदु गुप्ता सृजन घपले में जेल में बंद अरुण कुमार की पत्नी है। इनको पुलिस की एसआइटी ने घपला उजागर होते ही भागलपुर वाले फ्लैट पर मारे छापे के दौरान ही अगस्त 2017 में गिरफ्तार कर लिया था। तब से ये जेल में बंद है। ये डिप्टी कलेक्टर रैंक के यहां बतौर कल्याण अधिकारी तैनात थे। जांच के दौरान पता चला कि 172 करोड़ रुपए की अवैद निकासी केवल इन्हीं के कार्यकाल में सृजन के मार्फत हुई है। वैसे 221 करोड़ 61 लाख अकेले कल्याण महकमा के सृजन घपले में गायब है।