इंडिगो ने गुरुवार को पिछले दो दिनों में अपने नेटवर्क और संचालन में गड़बड़ी के बाद ग्राहकों और हितधारकों से क्षमा मांगी है। IndiGo ने कहा कि एयरलाइन अपने संचालन को जल्द से जल्द ट्रैक पर लाने पर फोकस कर रही है। इंडिगो में पिछले कुछ दिनों में प्रतिदिन लगभग 170-200 फ्लाइट कैंसिल हो रही हैं। इसके साथ ही इंडिगो ने DGCA से अनुरोध किया कि उसे कुछ मानदंडों में 10 फरवरी तक छूट दी जाए।
इंडिगो ने गुरुवार को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को सूचित किया कि वह व्यवधान को कम करने के लिए सोमवार (8 दिसंबर) से उड़ानों का संचालन कम करना शुरू कर देगा और उम्मीद है कि 10 फरवरी तक सामान्य और स्थिर संचालन पूरी तरह से बहाल हो जाएगा। हालाँकि, इंडिगो के शेड्यूल ठीक करने की कोशिश के तहत अगले दो-तीन दिनों में और भी उड़ानें रद्द हो सकती हैं।
इंडिगो ने डीजीसीए से की छूट की अपील
एयरलाइन ने डीजीसीए से पायलटों के लिए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) मानदंडों में रात्रिकालीन परिचालन से जुड़े कुछ बदलावों से 10 फरवरी तक छूट देने का भी अनुरोध किया। नियामक ने अभी तक इस पर सहमति नहीं जताई है और एयरलाइन से मांगी गई विशिष्ट छूटों की समीक्षा के लिए प्रस्तुत करने को कहा है, लेकिन सूत्रों ने संकेत दिया है कि व्यवधान के पैमाने को देखते हुए एयरलाइन को कुछ राहत मिल सकती है। इंडिगो ने स्वीकार किया कि उसने नए एफडीटीएल नियमों के तहत अपने फ्लाइट क्रू की आवश्यकता का गलत आकलन किया था, जो व्यवधान का मुख्य कारण बना।
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नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान को गंभीरता से लिया
इस बीच, नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने भी इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान को गंभीरता से लिया है। मंत्रालय ने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने एक समीक्षा बैठक में एयरलाइन द्वारा स्थिति से निपटने के तरीके पर स्पष्ट नाराजगीव्य क्त की। नायडू ने ज़ोर देकर कहा कि नई नियामक आवश्यकताओं के साथ सहज बदलाव सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त तैयारी का समय उपलब्ध था। उन्होंने इंडिगो को तत्काल परिचालन सामान्य करने और यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि मौजूदा स्थिति के कारण हवाई किराए में कोई वृद्धि न हो।
नए एफडीटीएल नियमों के तहत, पायलटों के लिए साप्ताहिक विश्राम अवधि 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दी गई है और रात्रि लैंडिंग को पहले के छह से दो घंटे तक सीमित कर दिया गया है। नए मानदंडों ने रात्रिकालीन घंटों की परिभाषा को भी बढ़ा दिया है और लगातार रात्रि ड्यूटी को सप्ताह में केवल दो दिन तक सीमित कर दिया है जिससे इंडिगो के संचालन पर अतिरिक्त बाधाएँ भी आई हैं।
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