विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 39 भारतीयों का पता लगाने के साथ-साथ विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह की बडूश यात्रा को सुगम बनाने के लिये इराक सरकार से मदद मांगी है। इन भारतीयों का जून 2014 में अपहरण कर लिया गया था । विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने आज (27 जुलाई को) बताया कि उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और अपने देश की संप्रभुता को बरकरार रखने और अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने में इराक सरकार और इराकी जनता को भारत के समर्थन का भी इजहार किया।
इराकी विदेश मंत्री इब्राहिम अल-जाफरी की पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर संवाददाताओं से बातचीत में बागले ने कहा कि दोनों विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों से संबंधित परस्पर हित के मामलों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ”स्वराज ने मोसुल से जून 2014 में अपहृत 39 भारतीयों का पता लगाने और इस संबंध में इराक के सतत सहयोग के लिये भारत सरकार के अनुरोध को दोहराया। इराकी विदेश मंत्री ने इराक की तरफ से पूरी गंभीरता से सहयोग का आश्वासन दिया और इस संबंध में किये जा रहे प्रयासों की उन्हें सूचना भी दी।” उन्होंने यह भी कहा कि स्वराज ने इराकी नेता से जब भी अधिक सूचना मिले तो विदेश राज्य मंत्री सिंह की बडूश यात्रा को सुगम बनाने का अनुरोध किया। इसपर इराकी विदेश मंत्री तुरंत तैयार हो गए।
यह पूछे जाने पर कि सिंह कब इराक की यात्रा करेंगे तो उन्होंने कहा कि इराकी सरकार के पास अधिक सूचना होने पर सिंह की यात्रा अधिक सार्थक होगी। सिंह द्वारा अपनी हालिया इराक यात्रा के दौरान जुटाई गई सूचना के आधार पर स्वराज ने 16 जुलाई को कहा था कि पश्चिमोत्तर मोसुल में बडूश जेल भारतीयों का आखिरी ज्ञात पता था। स्वराज ने इराकी मंत्री को नौ जुलाई को रणनीतिक शहर मोसुल को आईएसआईएस के नियंत्रण से मुक्त कराए जाने पर भी बधाई दी।
मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में बताया कि उन्होंने अपने इराकी समकक्ष को आश्वासन दिया कि भारत हमेशा से स्थिर, शांतिपूर्ण, संयुक्त और लोकतांत्रिक इराक के प्रति दृढ़ प्रतिज्ञ है।
