प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ह्यूस्टन में कश्मीरी पंडितों के 17 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उन्हें ‘एक नए कश्मीर के निर्माण’ का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों के प्रतिनिधि हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मोदी के ह्यूस्टन पहुंचने के बाद उनसे मुलाकात की। संगठन ‘द ग्लोबल कश्मीरी पंडित डायस्पोरा’ (जीकेपीडी) ने कहा कि वह इस बात को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए प्रधानमंत्री और भारत का स्पष्ट रूप से समर्थन करेगा कि 370 के हटने से कश्मीर में मानवाधिकारों को बढ़ावा मिलेगा।
मोदी से मिलकर बेहद भावुक हुए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में से एक ने प्रधानमंत्री का हाथ चूम लिया। उन लोगों ने कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के लिए गृह मंत्रालय का एक कार्यबल बनाने की मांग की। ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम से पहले इस प्रतिनिधिमंडल ने मोदी से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से कहा, ‘कश्मीर में नई हवा बह रही है और हम साथ मिलकर एक नया कश्मीर बनाएंगे, जो सबके लिए होगा।’ प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘कश्मीरी पंडितों से ह्यूस्टन में विशेष चर्चा हुई।’
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि कश्मीरी पंडितों ने भारत की प्रगति के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदम का समर्थन किया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘ह्यूस्टन में कश्मीरी पंडित समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट रूप से भारतीय लोगों की प्रगति और उनके सशक्तिकरण के लिए उठाए जा रहे कदमों का समर्थन किया।’
प्रतिनिधिमंडल ने मोदी को एक मसविदा ज्ञापन भी दिया और उनसे आग्रह किया कि इस समुदाय को साथ लाने, क्षेत्र के विकास और कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए गृह मंत्रालय के तहत एक कार्यबल की स्थापना की जाए। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले सुरिंदर कौल ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने हमसे कहा कि हम लोगों ने काफी कुछ झेला है और अब हम साथ मिलकर एक नए कश्मीर का निर्माण करेंगे।’ प्रधानमंत्री ने यहां दाउदी बोहरा समुदाय के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की।
