प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (आठ नवंबर) को 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की। कुछ देर बाद ही खबर आ गई कि आम जनता को होने वाली मुश्किलों को कम करने के लिए सरकार 2000 के नए नोट लाएगी और ये नोट गुरुवार (10) दिसंबर से बैंकों में उपलब्ध होंगे। घोषणा के अनुसार हर व्यक्ति उचित पहचान पत्र दिखाकर चार हजार रुपये तक के पुराने नोट बैंक में बदल सकता है। लेकिन गुरुवार को देश के बहुत सारे बैंकों में गुरुवार को नगद राशि कुछ ही घंटे में खत्म हो गई। जिन लोगों को पुराने नोट के बदले नए नोट मिले उनमें भी बहुत कम को दो हजार रुपये के नए नोट मिले। ज्यादातर लोगों को 100-100 रुपये के ही नोट मिले। बहरहाल, भारतीय रिज़र्व बैंक ने दो हजार के जो नए नोट जारी किए हैं वो कई लोगों को प्रभावित करने में विफल दिख रहे हैं। आइए देखते हैं नए नोट से लोगों को 5 प्रमुख शिकायतें क्या हैं।
1- रूप, रंग और आकार- दो हजार का नया नोट रद्द किए गए 1000 के नोट से छोटा और हल्का है। नए नोट का कागज फौरी तौर पर पुराने 1000 के नोट से कमतर प्रतीत होता है। 2000 का नोट अब भारत का सबसे बड़ा करेंसी नोट होगा। सरकार 500 रुपये के भी नए नोट जारी कर रही है। सरकार ने कहा है कि वो कुछ महीनों में 1000 के नए नोट लाएगी। जब सभी नोट आ जाएंगे तभी इस मामले में सही तुलना हो पाएगी।
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2- कुछ मीडिया संस्थान 2000 के नोट के सिक्योरिटी कोड को पुराने 500 और 1000 के नोटों से कमतर मान रहे हैं। इन लोगों को कहना है कि सरकार अगर नए सीरीज के नोट जारी कर ही रही है तो उसे बेहतर सिक्योरिटी कोड प्रयोग करने चाहिए ताकि इनके नकली नोट बनाना मुश्किल हो।
3- नोट में इस्तेमाल किए गए फॉन्ट- कुछ लोगों को नए नोट के फॉन्ट “पुराने स्टाइल” के लग रहे हैं। ऐसे लोगों का कहना है कि नोट में आधुनिक स्टाइल की कमी है। नोट के दोनों तरफ अलग-अलग तरह के फॉन्ट का भी इस्तेमाल किया गया है, जिसकी सौंदर्यबोध के आधार पर आलोचना की जा रही है। नोट के दोनों तरफ अलग-अलग आकार के फॉन्ट में कैप्शन लिखे गए हैं।
4- कुछ समाचार वेबसाइट ने दावा किया है कि 2000 पर छपे भारत के राष्ट्रीय चिह्न अशोक स्तंभ का लोगो सिमेट्रिकल नहीं है। कुछ लोग दावा कर रह हैं कि 2000 के नोट पर बनाया गया स्वच्छ भारत अभियान का लोगो अपने मूल आकार से बड़ा है।
5- ऐसा नहीं है कि नए नोटोें की समीक्षा केवल अर्थशास्त्र और नोटों के जानकार ही कर रहे हैं। भाषा के जानकार भी इसमें पीछे नहीं हैं। 2000 के नए नोट पर अरबी, फारसी और अंग्रेजी मूल के शब्दों पर उनके उच्चारण के अनुसार नुक्ते लगाए गए हैं। मसलन, “हज़ार” और “रिज़र्व” में उनकी मूल ध्वनि के अनुसार ‘ज’ में नुक्ते का प्रयोग किया गया है लेकिन सरकार नए नोटों में ‘क़दम’ के ‘क’ में नुक़्ता लगाना भूल गई।
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बहरहाल, 2000 के नए नोटों की गुलाबी रंग लोगों को पसंद आ रहा है। फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर मजाक में इसे अपनी फिल्म “पिंक” का असर बता दिया। जब तक सरकार इस सीरीज के और नए नोट नहीं जारी करती और जनता इन्हें रोजमर्रा के कामकाज में इस्तेमाल नहीं करने लगती तब तक इन नोटों पर कोई आखिरी फैसला देना जल्दबाजी होगी। पहली नजर में तो यही लग रहा है कि इन नोटों को छापने के वक्त सरकार की जल्दबादी में थी।
ये क्या चक्कर है । Change कराओ इन 2000 के नोटों को सर जी@sudhirchaudhary @sardanarohit @awasthis
#Ban2000 #Ban2000Rupey #BlackMoney pic.twitter.com/dRzkk9SX8j— Praveen Saini (@Prav_Saini) November 11, 2016
