भारत के उत्तराखंड राज्य में चीनी सेना द्वारा की गई घुसपैठ की खबरों को वहां के सीएम हरीश रावत ने सही बताया है। उन्होंने ANI को जानकारी दी कि उत्तराखंड के चमौली जिले में घुसपैठ हुई थी। ANI के सूत्रों से जानकारी मिली है कि ITBP की तरफ से घुसपैठ की जानकारी गृह मंत्रालय (MHA) को पहले ही दे दी गई थी। जानकारी के मुताबिक, इसकी रिपोर्ट 19 जुलाई को भेजी गई थी। इस मामले पर रावत ने बुधवार (27 जुलाई) को ANI से कहा, ‘फिलहाल के लिए अच्छी बात यह है कि उन्होंने उत्तराखंड की किसी भी महत्वपूर्ण नहर को नहीं छुआ है। लेकिन यह चिंता का विषय है। हमारा बॉर्डर अब तक शांत रहा है। लेकिन यहां भी अब सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है। मुझे यकीन है कि केंद्र सरकार इस मामले पर संज्ञान लेकर जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाएगी।’
गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि वह इस मामले के बारे में पहले यह पक्का करेंगे कि सच में घुसपैठ हुई थी या नहीं। उन्होंने बताया कि इस मामले से जुड़ी रिपोर्ट मांगी गई है। उत्तराखंड और चीन का बॉर्डर 350 किलोमीटर लंबा है। कुछ साल पहले भी चीन के सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश की थी। पिछले साल जून में लगभग 250 चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भी घुस गए थे। गौरतलब है कि अरुणाचल में घुसपैठ ऐसे वक्त पर हुई थी जब चीन की तरफ से भारत को न्यूक्लीयर सप्लायर्स ग्रुप (NSG) में शामिल करने का विरोध किया था।
इस मामले पर किसने क्या बोला, देखिए-
Line of actual control not defined,we want to define,China not cooperating:RK Singh on Chinese incursion in U'khand pic.twitter.com/8ds0IXBL95
— ANI (@ANI) July 27, 2016
Aisa impression diya gaya ki China, Pak ke sath rishtey achche ho gaye hain. Par aaj har ek inka dushmann ban raha hai: Mallikarjun Kharge
— ANI (@ANI) July 27, 2016

