केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि कुछ लोग जीएसटी अधिकारी बनकर व्यापारियों से पैसे की मांग कर रहे हैं, मगर विभाग के किसी भी अधिकारी को दुकानदारों के यहां निरीक्षण करने की अनुमति नहीं दी गई है। जीएसटी के मुख्य आयुक्त कार्यालय (दिल्ली जोन) की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, “मीडिया के कुछ हिस्सों से ऐसी खबरें सामने आई हैं कि कुछ अनैतिक तत्वों ने जीएसटी के नाम पर दूकानदार और ग्राहकों को ठगने की कोशिश की है। विभाग के किसी भी अधिकारी को बिना अनुमति के किसी व्यापारी या दुकानदार के यहां जाने की अनुमति नहीं है।”

बयान में बताया गया कि किसी तरह की परेशानी होने पर व्यापारी फोन नंबर 011-23370115 पर या पता : सेंट्रल रेवेन्यू बिल्डिंग, आई.पी. एस्टेट, नई दिल्ली से संपर्क कर सकते हैं। कहा गया, “विभाग जीएसटी को अपनाने में दुकानदारों और व्यापारियों की मदद करना चाहता है।”

वहीं बयान में कहा गया है कि जीएसटी के तहत प्रोविजनल (अनंतिम) पंजीकरण करानेवाले व्यापारी संबंधित 22 सितंबर तक जमा करा सकते हैं। वित्त मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय द्वारा यहां जारी बयान में कहा गया, “जिन लोगों के पास पीआईडी है वे पंजीकरण का प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए जीएसटीएन पर आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तीन महीनों का वक्त दिया गया है, जो आवश्यक रूप से 22 सितंबर या उससे पहले पूरा हो जाना चाहिए।”

इसमें कहा कि अनंतिम तौर पर वे उनको मिले पीआईडी के आधार पर कर चालान (टैक्स इनवायस) जारी कर सकते हैं।

मंत्रालय ने कहा कि जिन लोगों के पास पीआईडी है और जिन्होंने कंपोजिसन स्कीम चुना है, उन्हें इस संदर्भ में जीएसटीएन के निर्धारित फार्म में यह विकल्प चुनकर 21 जुलाई तक या इससे पहले जमा करना होगा। जो व्यक्ति नया पंजीकरण करना चाहते हैं वे जिन दिन पंजीकरण के उत्तरदायी होते हैं उससे 30 दिन के अंदर पंजीकरण कराना होगा।

पंजीकरण के लिए आवेदक देयता की तारीख और पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करने की तारीख के बीच प्रदान की गई वस्तुओं या सेवाओं के लिए बिल जारी कर सकता है।