Ashwini Vaishnaw News: बुधवार को मोदी कैबिनेट की 2025 की आखिरी कैबिनेट मीटिंग हुई थी। इस बैठक में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव से स्वीकृत सड़क परियोजना के लिए महाराष्ट्र सरकार के फंडिंग के हिस्से के बारे में पूछा गया। इसके बाद वैष्णव ने अपने सामने बैठे हुए अधिकारियों को लिखित में पूरी डिटेल देने का इशारा किया। पूर्व आईएएस अधिकारी से नेता बने वैष्णव ने मजाकिया लहजे में कहा, “परीक्षा ऐसे पास करते थे, पर्ची से।”

मोदी कैबिनेट की बैठक में दो प्रमुख हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। इनसे महाराष्ट्र और ओडिशा में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि नासिक-सोलापुर (अक्कलकोट) छह लेन वाले ग्रीनफील्ड हाईवे कॉरिडोर को मंजूरी दे दी गई है। सूरत-चेन्नई हाई-स्पीड कॉरिडोर के तहत आने वाली यह 374 किलोमीटर लंबी परियोजना दो सालों में पूरी हो जाएगी और इसकी अनुमानित लागत 19,142 करोड़ रुपये है।

ये भी पढ़ें: राहुल गांधी ने की कर्नाटक सरकार की तारीफ, लिखी ऐसी बात कि अश्विनी वैष्णव बोले- Thank You

यह हाईवे नासिक, अहिल्यानगर, धराशिव और सोलापुर जिलों को जोड़ेगा, जिससे नासिक और सोलापुर के बीच की दूरी काफी घट जाएगी। इसमें 27 बड़े और 164 छोटे पुल शामिल होंगे, जबकि सूरत और चेन्नई के बीच यात्रा का समय 45 फीसदी तक कम हो जाएगा। टोल आधारित (बीओटी) मोड पर बनने वाला यह एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, आगरा-मुंबई कॉरिडोर और समृद्धि राजमार्ग से जुड़ेगा, जिससे यात्रा का समय 17 घंटे और दूरी 201 किलोमीटर कम हो जाएगी।

दूसरी परियोजना ओडिशा के कोरापुट से मोहना तक हाईवे का चौड़ीकरण है। इसे दो लेन का बनाया जाएगा। इस परियोजना की लागत 1526 करोड़ रुपये है और यह भी दो सालों में पूरी हो जाएगी। नासिक-सोलापुर परियोजना से रोजगार का सृजन होगा।

ये भी पढे़ं: किसानों के लिए बड़ी खबर, रबी सीजन 2026-27 के लिए सरकार ने घोषित की MSP, इस फसल पर सबसे ज्यादा फायदा