विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोमवार को पोलैंड के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने भारत के पड़ोस में आतंकी गतिवधियों को बढ़ावा देने वाले कामों से बचने के लिए भी कहा। जयशंकर ने अपने संदेश में साफ कहा कि भारत को चुनिंदा तौर पर निशाना बनाना अनुचित और अन्यायपूर्ण है।
पोलैंड के डिप्टी पीएम सिकोरस्की के साथ बैठक के दौरान अपने शुरुआती संबोधन में जयशंकर ने कहा, “मैंने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि भारत को चुनिंदा रूप से निशाना बनाना अनुचित और अन्यायपूर्ण है। मैं आज फिर यही दोहराता हूं। डिप्टी पीएम जी, आप हमारे क्षेत्र से अच्छी तरह परिचित हैं और क्रॉस बार्डर टेरेरिज्म की चुनौतियों से भलीभांति वाकिफ हैं। पोलैंड को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखानी चाहिए और अपने पड़ोस में आतंकी ढांचे को बढ़ावा देने में मदद नहीं करनी चाहिए।”
दुनिया में काफी उथल-पुथल मची- एस जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि वह और सिकोरस्की ऐसी समय में मिल रहे हैं जब दुनिया में काफी उथल-पुथल मची हुई है। इस बात पर जोर दिया कि विचारों का आदान-प्रदान करना बहुत जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत और पोलैंड दो अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद हैं। इनमें से हर एक में अपनी चुनौतियां और अवसर हैं।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “पिछले सितंबर में न्यूयॉर्क में और इस जनवरी में पेरिस में, मैंने हमने यूक्रेन संघर्ष और उसके परिणामों पर खुलकर अपने विचार साझा किए। ऐसा करते हुए, मैंने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि भारत को चुनिंदा रूप से निशाना बनाना अनुचित और अन्यायपूर्ण है। मैं आज फिर यही दोहरा रहा हूं।”
पौलेंड के नेता ने जयशंकर के बयान से जताई सहमति
पौलेंड के डिप्टी पीएम रादोस्लाव सिकोरस्की ने जयशंकर के बयान से सहमति जताई है। उन्होंने कहा, “मैं सीमा पार आतंकवाद का मुकाबला करने की आवश्यकता पर आपसे पूरी तरह सहमत हूं। जैसा कि आपने सुना होगा, पोलैंड हाल ही में आगजनी और आतंकवाद के प्रयास का शिकार हुआ, जब एक चलती ट्रेन के नीचे पोलिश रेलवे लाइन को उड़ा दिया गया। सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ।”
