Dera chief Ram Rahim Granted 40-Day Parole: दो साध्वियों के रेप और एक पत्रकार की हत्या से संबंधित मामलों में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 40 दिन की पैरोल दी गई है। वह फिलहाल रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं और पैरोल की अवधि के दौरान सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में रहेगा।
डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गुरु शाह सतनाम जी की जयंती के अवसर पर राम रहीम को पैरोल दी गई है। राम रहीम की बार-बार पैरोल मिलने से अक्सर राजनीतिक तनाव पैदा होता है। इस साल यह उसकी चौथी रिहाई है और 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद से यह उसकी 15वीं रिहाई है। पिछली पैरोल अवधि 40 दिन थी और इस बार भी राम रहीम को उतने ही दिनों की पैरोल दी गई है।
सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा संप्रदाय के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य राज्यों में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल और हिसार सहित हरियाणा के कई जिलों में डेरा सौदा संप्रदाय के काफी अनुयायी हैं।
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किस मामले में राम रहीम को मिली सजा?
साल 2017 में गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों के साथ यौन शोषण के आरोप में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। जिसके बाद डेरा प्रमुख के समर्थकों ने पंजाब- हरियाणा सहित कई राज्यों में जमकर उत्पात मचाया था। इस दौरान करीब 31 लोग मारे गए थे, 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। समर्थकों ने ट्रेन के डिब्बे तक जला दिए थे। हिंसा के बाद पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरे की संपत्ति जब्त कर नुकसान की भरपाई करने का आदेश दिया था।
दो साल बाद 11 जनवरी 2019 को राम रहीम को रामचंद्र छत्रपति की हत्या का दोषी पाया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। पत्रकार छत्रपति के बेटे अंशुल ने राम रहीम को बार-बार मिल रही पैरोल को लेकर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि राम रहीम कोई सामान्य कैदी नहीं बल्कि एक हार्ड क्रिमिनल है। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे अपराधी को बार-बार पैरोल देना न्यायिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
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