सरकार ने बार-बार नोट बदलने वाले लोगों पर शिकंजा कसते हुए नया नियम पेश किया है। वित्त सचिव शक्तिकांत दास ने मंगलवार को एलान किया है कि नोट बदलवाने पर स्याही का निशान लगाया जाएगा। यह निशान ठीक वैसा होगा जैसा वोट देने पर लगता है। शक्तिकांत दास ने कहा कि अगर एक ही आदमी बार-बार आएगा तो दूसरों को दिक्कत होगी, इसलिए इस नियम को लाया गया है। शक्तिकांत दास ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “बैंकों और एटीएम के आगे लगी लंबी लाइनों की जांच में पाया गया है कि कुछ लोग बार-बार पैसे बदलने आ रहे हैं। यह भी रिपोर्ट मिली है कि कई लोगों ने अपने कालेधन को सफेद में बदलने के लिए कुछ लोगों से सांठ-गांठ की और उन्हें पैसे बदलने के लिए कई-कई बार बैंक भेजा जा रहा है।”
उन्होंने कहा, “इस समस्या को सुलझाने के लिए हमने फैसला किया है कि नोट बदलवाने पर स्याही का निशान लगाया जाएगा। जिस तरह वोट डालने पर स्याही लगती है उसी तरह की स्याही नोट बदलने पर लगेगी।” उन्होंने कहा कि बड़े शहरों में स्याही लगाने का काम मंगलवार से ही शुरू कर दिया जाएगा। वित्त सचिव ने बताया कि बैंकों की भीड़ को देखते हुए एक टास्क फोर्स भी गठित की गई है, जो पुराने नोटों को लाने ले जाने का काम करेगी। इसके अलावा टास्क फोर्स की नजर नकली नोटों पर भी रहेगी। उन्होंने नोट के रंग छोड़ने के बारे में कहा कि रंग छोड़ना असली नोट की पहचान है।
नमक को लेकर बोलते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि देश में नमक की कोई कमी नहीं है, यह सिर्फ अफवाह फैलाई गई थी कि नमक की कमी हुई है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि “सोशल मीडिया पर यह भी अफवाह फैलाई जा रही है कि कुछ संस्थान नोट बंदी के फैसले के खिलाफ स्ट्राइक पर जा रहे हैं। ऐसा कुछ नहीं है, ऐसी खबरों पर भरोसा ना करें।” बैंक में नोट की कमी को लेकर वित्त सचिव ने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बैंक में पर्याप्त मात्रा में कैश है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जनधन अकाउंट पर पैसा जमा होने पर सरकार और एजेंसियों की कड़ी नजर बनी हुई है। उन्होंने लोगों से अपने अकाउंट का दुरुपयोग ना होने देने की अपील भी की।
To solve this problem we have decided to use indelible ink marks,similar to elections,on cash counters:Economic Affairs Secy Shaktikanta Das pic.twitter.com/3RUJocMtAG
— ANI (@ANI) November 15, 2016
सरकार का बड़ा फैसला; नोट बदलवाने पर लगेगा स्याही का निशान
