विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि चीन में किसी भी भारतीय के कोरोना वायरस से प्रभावित होने की पुष्टि नहीं की गई है और उसने वायरस प्रभावित चीन के हुबेई प्रांत में रहने वाले 600 से अधिक भारतीयों के साथ संपर्क स्थापित किया है। इन सभी को विशेष विमान भेजकर चीन से लाने की तैयारी की गई है। इसके लिए भारत सरकार ने गुरुवार को चीनी विदेश मंत्रालय से संपर्क किया और अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि चीन में किसी भी भारतीय के कोरोना वायरस से प्रभावित होने की पुष्टि नहीं गुई है। हालांकि, गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केरल में एक पीड़ित के कोरोना वायरस से प्रभावित होने की पुष्टि की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमने चीन के ह्यूवेई प्रांत में रहने वाले भारतीयों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर पूछा है कि क्या वे भारत लौटना चाहते हैं।’ उन्होंने बताया कि हमने छह सौ से अधिक भारतीयों के साथ संपर्क स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने चीन से औपचारिक अनुरोध किया है कि वह ह्यूवेई प्रांत से भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए ये दो उड़ानें संचालित करने की अनुमति दे। अब हमें इसके लिए औपचारिक मंजूरी का इंतजार है। उन्होंने कहा कि बेजिंग में भारतीय दूतावास जरूरी कार्रवाई के लिए चीन के अधिकारियों के संपर्क में है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत सरकार लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही है जो चीन में कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न हुई है। हम इसके बारे में लगातार जानकारी भी दे रहे हैं। चीन से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद एअरलिफ्ट कर भारतीयों के एक समूह को शुक्रवार 31 जनवरी को लाया जा सकता है। चीन में कोरोना वायरस से अब तक 170 लोगों की मौत हो चुकी है। सैंकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती हैं। रूस ने चीन से लगी अपनी सीमा को पूरी तरह से सील कर दिया है।
