प्रदेश कांग्रेस आज सुबह 11 बजे जंतर-मंतर से संसद तक पलायन रोको और जवाब दो रैली निकालेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि नोटबंदी को गलत तरीके से लागू करने के कारण मजदूरों को दिल्ली से पलायन करना पड़ रहा है। इस रैली जरिए आदित्य बिरला ग्रुप व सहारा ग्रुप की ओर से मोदी को दिए गए 65 करोड़ रुपयों का मामला भी उठाया जाएगा क्योंकि यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार से संबधित है और दर्शाता है कि किस प्रकार औद्योगिक घरानों से काले धन के रूप में पैसा लिया गया।
दो दिन पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात की एक रैली में नरेंद्र मोदी को आदित्य बिरला व सहारा ग्रुप द्वारा 65 करोड़ रुपए दिए जाने के आयकर विभाग के पास मौजूद दस्तावेजों के आधार पर सवाल पूछे थे। दिल्ली कांग्रेस के कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर 27 व 28 दिसंबर 2016 को भंडाफोड़ अभियान के तहत ब्लॉक स्तर, मेट्रो स्टेशन, ओवर ब्रिज और फ्लाईओवरों पर हाथों में बैनर व तख्तियां लेकर जनता को जागरूक करके यह बताएंगे कि मोदी सरकार को सत्ता में आए ढाई साल से ऊपर हो गया है, लेकिन अभी तक इस मामले की जांच नहीं हुई है जबकि नरेंद्र मोदी अपने भाषणों में कहा करते थे कि ‘न खाऊंगा और न खाने दूंगा।’
प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में माकन ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दो दिन पहले गुजरात की रैली में नरेंद्र मोदी को आदित्य बिरला व सहारा ग्रुप की ओर से 65 करोड़ रुपए दिए जाने पर जो सवाल पूछा था वह दस्तावेजों पर आधारित है। इसका उन्होंने ब्योरा दिया है। 25 जुलाई 2014 को मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आयकर विभाग को सीबीआइ द्वारा जब्त किए गए बाकी दस्तावेजों को देखने की अनुमति दी थी। आयकर विभाग द्वारा 22 नवंबर 2014 को मोदी जी के सत्ता संभालने के 6 महीने बाद सहारा ग्रुप पर आयकर विभाग का छापा पड़ा था, जोकि भ्रष्टाचार का दूसरा मामला था।
माकन ने कहा कि मोदी जी पूरे देश की अर्थव्यवस्था को कैशलेस बनाना चाहते हैं, तो वे यह बताएं कि यह पैसा उनको चेक से मिला था या कैश के रूप में। क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में लोकपाल की नियुक्ति इसलिए नहीं की क्योंकि लोकपाल स्वतंत्र रूप से इस मुद्दे की जांच करते तो एक बहुत बड़े भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ होता। उन्होंने यह भी पूछा कि मोदी सीबीआइ में गुजरात कैडर के बड़े अधिकारियों की नियुक्ति इसलिए तो नहीं कर रहे हैं क्योंकि अगर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआइ इस मामले की जांच करे तो उनको बचाया जा सके।