भारत की केंद्र सरकार की तरफ से हाल में Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority (CAMPA) बिल को पास किया गया। कुछ लोगों का आरोप है कि इसको लेकर पूरे देश के आदिवासी लोग दुखी हैं। ये वे आदिवासी हैं जो जीवन यापन के लिए जंगल पर ही निर्भर हैं। आदिवासियों का आरोप है कि इस बिल के लागू होने की वजह से सरकार जबरन उनकी खेती को बर्बाद कर रही है। वहीं प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि जंगल की जमीन पर आदिवासियों और जमीन हड़पने वाले कब्जा करके गैरकानूनी ढंग से खेती करते हैं। इस वजह से वे फसल को हटा देते हैं। सोशल मीडिया पर भी कुछ ऐसी फोटोज दिखाई जा रही है जिसमें ट्रेक्टर फसल को बर्बाद कर रहा है और उसे देखकर आदिवासी लोग रो रहे हैं। वहीं मौके पर कुछ पुलिसवाले भी हैं जो फसल बर्बाद करने वाले के सपोर्ट में दिखाई दे रहे हैं।
क्या है CAMPA बिल: इस बिल पर काफी सालों से बात चल रही थी लेकिन मई 2016 को इसे केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पास करवा लिया गया। इसमें दावा किया गया है कि जंगल की जमीन का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे में आदिवासियों को परेशान किया जा रहा है। वहीं, आदिवासियों का कहना है कि इससे उन्हें मिले हुए विशेष अधिकार The Scheduled Tribes and Other Traditional Forest Dwellers (Recognition of Forest Rights) Act, 2006 का उल्लंघन हो रहा है। 2006 के इस एक्ट में आदिवासियों को कई तरह के अधिकार दिए गए हैं।
आदिवासियों को उनका हक दिलवाने के लिए कई लोग आगे आ रहे हैं। उनमें से ही एक हैं Gladson Dungdung। वह ह्यूमन राइट एटिविस्ट हैं। Gladson Dungdung रांची के रहने वाले हैं। उन्होंने कुछ किताबें भी लिखी हुई हैं। हाल में जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर आई हैं वे उन्हीं ने पोस्ट की थीं। उन्होंने लिखा था कि वे फोटोज तेलंगाना की हैं।

