भारतीय जनता पार्टी के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बार फिर पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले को लेकर अपनी पार्टी की सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। सिन्हा ने ट्वीट पर कहा है, ‘हमारी टीम ने नोटबंदी को लेकर होमवर्क अच्छे से नहीं किया।’ सिन्हा के ट्वीट्स से पहले पीएम मोदी ने उन लोगों पर निशाना साधा था, जिन्होंने नोटबंदी के फैसले की तैयारियों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। गुरुवार को भी सिन्हा ने नोटबंदी पर मोबाइल ऐप सर्वे पर सवाल उठाए थे।
गुरुवार को कई ट्वीट करते हुए सिन्हा ने लिखा था, ‘मूर्खों की दुनिया में जीना बंद करें। ये मनगढ़ंत कहानियां और सर्वे निहित स्वार्थों के लिए किया गया है। इस मुद्दे की गहराई में जाएं। गरीबों, परेशान, मतदाताओं, समर्थकों और महिलाओं के तकलीफ को समझना चाहिए। इमरजेंसी के लिए जोड़ी गई माताओं और बहनों की कमाई की तुलना काले धन से नहीं की जानी चाहिए।’
सिन्हा ने शुक्रवार को कई सारे ट्वीट्स करके सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। सिन्हा ने एक ट्वीट में कहा, ‘आपको नहीं लगता कि अपने एक्सपर्ट्स और इंटेलेक्चुएल की एक कमेटी बनाने का यह उचित वक्त है। इस कमेटी में अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा, सुब्रमण्य स्वामी और हमारे पार्टी के टॉप इकॉनोमिस्ट और इंटेलेक्चुए होने चाहिए। इनका नेतृत्व लाल कृष्ण आडवानी और मुरली मनोहर जोशी को करना चाहिए।’ साथ ही दूसरे ट्वीट में सिन्हा ने कहा कि हमारे पीएम की ईमानदारी, इरादों और महान पहल में पूरा विश्वास है। लेकिन उन्होंने इसे लागू करने के तरीके की आलोचना की।
एक अन्य ट्वीट में सिन्हा ने कहा, ‘मैं कोई अर्थशास्त्री नहीं हूं और मैं खुद को इस फैसले के दूरगामी और अल्पकालिक प्रभावों पर टिप्पणी करने के लिए सक्षम नहीं मानता। लेकिन मैं सही सोच रखने वाले भारतीयों की तरह चिंतित हूं।’ साथ ही एक और ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘मुझे भरोसा है कि ओबामा सरकार में सलाहकार और वर्ल्ड बैंक के पूर्व चीफ अर्थशास्त्री लॉरेंस समर्स के विश्लेषण को हम में से कईयों ने पढ़ा होगा। जिन्होंने कहा था कि नोटबंदी से अफरा-तफरी मची है और लोगों का सरकार पर से भरोसा उठ रहा है। नए उपायों के बिना इस फैसले के दूरगामी परिणाम होना संभव नहीं है।’
