जीएसटी बिल पर बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने बदलाव से जुड़ी सभी अहम सिफारिशें मान ली हैं। इसके तहत अंतरराज्यीय बिक्री पर प्रस्तावित 1% अतिरिक्त टैक्स के प्रावधान को वापस लेने का फैसला लिया गया है। यह सिफारिश कांग्रेस ने की थी। इससे पहले लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि जीएसटी विधेयक को लेकर जो चिंताएं जताई गई हैं उनका निदान होने के बाद ही पार्टी इस विधेयक का समर्थन करेगी। सिंधिया ने कहा था, ‘‘सरकार अभी हमारे पास नहीं आई है। उनको हमारे पास ठोस जवाब के साथ आना होगा कि हमारी सभी चिंताएं दूर कर ली गई हैं।’’ ऐसे में अब जब मोदी सरकार ने कांग्रेस 1 फीसदी अतिरिक्त हटाने की मांग को मान लिया है ऐसे में अब शायद यह बिल आखिरकार पास हो पाएगा।
सिंधिया ने कहा था कि कांग्रेस यह मांग करती आ रही है कि कुल जीएसटी दर 18 फीसदी होनी चाहिए और विनिर्माण वाले राज्यों के संदर्भ में एक फीसदी का अतिरिक्त कर हटाया जाना चाहिए। पार्टी इस प्रस्तावित कानून में विवाद निवारण व्यवस्था भी चाहती है। कांग्रेस नेता ने कहा था, ‘‘अगर इन चिंताओं को दूर कर लिया जाता है तो हमें इस विधेयक को पारित कराने में कोई समस्या नहीं है। परंतु समस्या यह है कि सरकार विपक्ष के सहयोग की बात करती तो है लेकिन वह हमारे पास कुछ ठोस बात लेकर नहीं आती है।’’

