किसान आंदोलन में शनिवार को अद्भुत नजारा था। हो भी क्यों न, देश को अंग्रेजों की बेड़ियों से आजाद कराने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पोती तारा गांधी खुद गाजीपुर के प्रदर्शन स्थल पर जो पहुंची थीं। उन्होंने किसानों को अपने समर्थन की बात कहकर उनका हौसला बढ़ाया। तारा गांधी ने अन्ना हजारे से भी आंदोलन में आने को कहा। उधर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज कहा कि कुछ लोग कृषि कानूनों के खिलाफ केवल विरोध जताने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। यह उनकी निहित राजनीतिक मंशा को दर्शाता है।
राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय की अध्यक्ष तारा गांधी ने कहा कि इतने दिनों से चल रहा किसानों का आंदोलन अद्भुत है। वह यहां किसानों के लिए प्रार्थना करने आई हैं। वह किसानों का भला चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह यहां उस किसान के लिए आई हैं, जिसने देश के लोगों की भूख मिटाई है। किसानों की तपस्या किसी से छिपी नहीं है। उनके हित में ही सबका हित है।
तारा गांधी ने कहा कि सरकार को किसानों की समस्या का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहिंसा के मार्ग पर चलकर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। किसानों को धैर्य के साथ संघर्ष जारी रखना है। तारा गांधी ने किसानों से शांतिपूर्वक आंदोलन चलाने की अपील करते हुए कहा कि किसान के हित में ही देश का हित है।
There is so much truth in your reason that it speaks for itself. I am with truth and will always stand by it: Tara Gandhi, granddaughter of Mahatma Gandhi at Ghazipur (Delhi-Uttar Pradesh border) on 78th day of the sit-in protest against the farm laws there pic.twitter.com/bK63M1hW3i
— ANI (@ANI) February 13, 2021
उधर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि कुछ लोग केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ केवल विरोध जताने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। यह उनकी निहित राजनीतिक मंशा को दर्शाता है। खट्टर ने नई दिल्ली में राज्य के सांसदों से मुलाकात के बाद यह बात कही। उस बैठक में हरियाणा विधानसभा में मार्च में पेश किए जाने वाले राज्य के अगले बजट के बारे में सुझाव मांगे गए थे।
We discussed the farmers' protest among other issues. We will be bringing a law for recovery of damages to public property from protesters: Haryana CM ML Khattar on his meeting Union Home Minister Amit Shah today pic.twitter.com/6sdpxSMvn8
— ANI (@ANI) February 13, 2021
खट्टर ने कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बारे में कहा कि केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट है कि ये तीन कृषि कानून किसानों के फायदे के लिए है। खट्टर का कहना था कि मोदी सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी वजह से संसद से इन तीन कानूनों को पारित कराया गया है। उनका कहना था कि किसानों को अपना हित देखना चाहिए। बेवजह प्रदर्शन से किसी का भला नहीं होने वाला। सरकार ने साफ किया है कि वो कानूनों में संशोधन के लिए भी तैयार है।

