वित्तीय संकट से गुजर रही दिल्ली की कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी एमटेक ऑटो समूह को ऋण देने वाले बैंकों ने उसे और ऋण देने पर निर्णय करने से पहले कंपनी के खातों की विशेष ऑडिट कराने का निर्णय किया है।
एक बैंक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा, “ऋणदाताओं के एक संयुक्त फोरम की शुक्रवार को हुई बैठक हुई में एमटेक ऑटो के बही खातों का विशेष ऑडिट कराने का निर्णय किया गया।”
सार्वजनिक क्षेत्र के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “बैंक संयुक्त ऋणदाता मंच के जरिये ही कुछ करेंगे।” उन्होंने अधिक ब्यौरा दिये बिना कहा कि फिलहाल वह स्थिति का आकलन कर रहे हैं।
संकटग्रस्त कंपनी को ऋण देने वाले बैंकों में देना बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र समेत कई अन्य संस्थान शामिल हैं। हालांकि कर्ज देने वाले बैंकों का कोई भी अधिकारी खुलकर सामने नहीं आना चाहता।
इस बीच, एमटेक ऑटो का शेयर शुक्रवार को कारोबार के दौरान 75 फीसदी तक चढ़ गया और कारोबार की समाप्ति पर 46.70 रुपये पर बंद हुआ।
कंपनी प्रबंधन द्वारा दिवालिया होने को लेकर चल रही अटकलों से इनकार करने और शेयरों में साठगांठ के मामले में सेबी के साथ पूरा सहयोग करने के बाद बाजार में इसके शेयरों में तेजी आई।
एमटेक ऑटो के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक जॉन फिलिंथम ने कहा, “कंपनी के प्रवर्तक पिछले 30 सालों की तरह कंपनी कारोबार की देखरेख करते रहे हैं और करते रहेंगे।”