2006 औरंगाबाद हथ्ाियार बरामदगी मामले में एक मकोका अदालत ने 12 आरोपियों को दोषी ठहराया है। 10 आरोपियों को बरी कर दिया गया है। दोषी ठहराए गए आरोपियों में लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख आतंकी और 26/11 मुंबई हमले का साजिशकर्ता अबू जुंदाल भी शामिल है। अदालत ने कहा है कि यह आतंक फैलाने की बड़े पैमाने पर की गई साजिश थी, जिसे वे (आरोपी) ‘जिहाद’ कह रहे थे। न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, मकोका कोर्ट ने कहा कि 2002 में गुजरात दंगों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और विश्व हिंदू परिषद के प्रवीण तोगड़िया को मारने की साजिश रची गई थी।
8 मई 2006 को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हथियारों से भरी गाड़ी पकड़ी गई थी। उस वक्त आरोप लगा था कि जबी नाम का जो व्यक्ति गाड़ी चला रहा था, वही असल में अबू जुंदाल है। जबकि जबी के वकील का दावा है कि जांच अधिकारियों के पास इसे साबित करने के लिए पूरे सबूत नहीं हैं।
दरअसल, 8 मई, 2006 को महाराष्ट्र एटीएस की एक टीम ने औरंगाबाद के पास से चांदवाड़-मनमाड़ हाइवे से एक टाटा सूमो और इंडिया कार का पीछा किया था। दाेनों वाहनों से तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से मिला 30 किलो आरडीएक्स, 10 एके-47 रायफल, और 3,200 गोलियां सीज की गई थीं। पुलिस के मुताबिक, कथित तौर पर इंडिका चला रहा जुंदाल पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया था। महाराष्ट्र के बीड जिले का जुंदाल मालेगांव गया और कुछ दिनों बाद बांग्लादेश पहुंचा। वहां से उसने पाकिस्तान में एंट्री की। उसे 2012 में सऊदी अरब से भारत प्रत्यर्पित किया गया था।

