अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को रविवार को भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित करने की घोषणा की गई। शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय हैं। पिछले साल जून में शुक्ला अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय थे। उन्होंने यह यात्रा ‘एक्सिओम-4’ मिशन के तहत की।
शुभांशु शुक्ला की 18 दिवसीय अंतरिक्ष यात्रा, अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा द्वारा 1984 में रूसी सोयूज-11 अंतरिक्ष मिशन के तहत उड़ान भरने के 41 साल बाद हुई। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों के 70 कर्मियों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित करने की मंजूरी दी, जिनमें से छह को मरणोपरांत ये सम्मान प्राप्त होंगे। इनमें एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, एक मरणोपरांत सहित 13 शौर्य चक्र, एक ‘बार टू सेना पदक’ (वीरता), 44 सेना पदक (वीरता), छह नौसेना पदक (वीरता) और दो वायु सेना पदक शामिल हैं।
भारतीय नौसेना की दो महिला अधिकारियों लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए को शौर्य चक्र पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। दोनों अधिकारियों ने कुछ महीने पहले ही भारतीय नौसेना के नौकायन पोत (आईएनएसवी) तारिणी पर सवार होकर आठ महीने की अवधि में 21,600 समुद्री मील (लगभग 40,000 किमी) की दूरी तय करके विश्व का चक्कर लगाने का असाधारण अभियान पूरा करके इतिहास रचा था। अशोक चक्र और कीर्ति चक्र के बाद शौर्य चक्र भारत का तीसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है।
राष्ट्रपति ने रविवार को एक असम राइफल्स के मेजर अर्शदीप सिंह, द्वितीय पैरा (विशेष बल) के नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा और ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर को कीर्ति चक्र से सम्मानित करने की मंजूरी दी। नायर उन चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं, जो भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन, ‘गगनयान’ के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित करने का निर्णय सरकार द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र के महत्व की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह प्रतिष्ठित सम्मान आमतौर पर ‘अत्यंत विशिष्ट वीरता’ प्रदर्शित करने वाले सैन्य कर्मियों को प्रदान किया जाता है।
अंतरिक्ष यात्री शुक्ला ने भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमान पायलट के रूप में करियर की शुरुआत की। उन्हें सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 सहित विभिन्न विमानों को कुल करीब दो हजार घंटे तक उड़ाने का अनुभव है।
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राष्ट्रपति द्वारा घोषित 13 शौर्य चक्र पुरस्कारों में से एक मरणोपरांत सहित 10 सम्मान थल सेना कर्मियों को, नौसेना के दो कर्मियों और अर्धसैनिक बल के एक अधिकारी को गया है। शौर्य चक्र से सम्मानित किये जाने वालों की सूची में 21 पैरा (विशेष बल) से लेफ्टिनेंट कर्नल घाटगे आदित्य श्रीकुमार, 32 असम राइफल्स के मेजर अंशुल बाल्टू, 5 पैरा (विशेष बल) के मेजर शिवकांत यादव, 42 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर विवेक मेच, 11 पैरा (विशेष बल) के मेजर लीशांगथेम दीपक सिंह और 6 पैरा (विशेष बल) के कैप्टन योगेन्द्र सिंह ठाकुर शामिल हैं। इनके अलावा प्रथम असम राइफल्स के सूबेदार पी एच मोसेस, चतुर्थ राष्ट्रीय राइफल्स के बलदेव चंद (मरणोपरांत), तृतीय असम राइफल्स के राइफलमैन मंगलेम संग वैफेई और 33 असम राइफल्स के राइफलमैन ध्रुब ज्योति दत्त को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा।
राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सशस्त्र बलों और अन्य कर्मियों को 301 सैन्य पदक प्रदान करने की भी मंजूरी दी। इनमें 30 परम विशिष्ट सेवा पदक, चार उत्तम युद्ध सेवा पदक, 56 अति विशिष्ट सेवा पदक, नौ युद्ध सेवा पदक, दो ‘बार टू सेना पदक’ (विशिष्ट), 43 सेना पदक (विशिष्ट), आठ नौसेना पदक (विशिष्ट), 14 वायु सेना पदक (विशिष्ट) और 135 विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं।
(भाषा)
