बेंगलुरु के एक कॉलेज में शनिवार को कुछ छात्रों के देश विरोधी नारे लगाने का मामला सामने आया है। शहर के यूनाइटेड थियोलॉजिकल कॉलेज में कुछ स्टूडेंट्स ने कश्मीर की आजादी और भारतीय सेना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने सेना द्वारा मुठभेड़ में मार गिराए गए आतंकी बुरहान वानी को अपना हीरो भी बताया। गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली के मशहूर जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में राष्ट्रविरोधी नारे लगने पर देशभर में भारी विवाद हुआ था। नारेबाजी के बाद कॉलेज में तनाव है। गेट पर ताला बंद कर दिया गया है और भारी पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। दरअसल, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कश्मीर पर सेमिनार का आयोजन किया था। स्वतंत्रता दिवस से पहले कॉलेज में कश्मीर मुद्दे पर बहस के दौरान 2 गुट आपस भिड़ गए। पुलिस के मुताबिक यूनाइटेड थियोलॉजिकल कॉलेज में एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा शनिवार शाम मानवाधिकार उल्लंघन पर सेमिनार आयोजित किया गया था। बहस के दौरान छात्रों का एक गुट देश विरोधी नारे लगाने लगा। कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया तो झड़प हो गई। किसी ने पुलिस को फोन कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। नारेबाजी करने वाले छात्रों के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने प्रदर्शन किया।
दूसरी तरफ, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के स्टूडेंट्स से राजनीति में शामिल न होने की अपील की। उन्होंने स्टूडेंट्स से अपनी पढ़ाई पर ध्यान लगाने के लिए कहा। आजाद ने कहा, ”ये सभी लड़के, चाहे वह कश्मीरी पंडित हों या मुस्लिम, या जम्मू के लड़के हों। वह यहां पढ़ने आए हैं। मेरी अपील उनसे यह है कि जब वह अपने राज्य से बाहर हैं तो उन्हें मित्रतापूर्ण व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले कश्मीरी स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई करनी चाहिए।”
