गुरुनानक जयंती के बाद मंगलवार (15 नवंबर) से बैंक फिर से खुल गए। बैंकों के खुलने से पहले की बाहर लंबी लाइनें लगी देखी जा सकती थीं। गौरतलब है कि कई इलाकों में तो लोग रात को अपने घर ही नहीं गए। ऐसे लोग रजाई, कंबल यहां तक कि चारपाई का इंतजाम करके बैंक के बाहर ही सो गए थे। इससे पहले सोमवार को वित्त सचिव शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि देश में बनी स्थिति से निपटने के लिए 2 लाख बैंक कर्मचारी काम में लग हुए हैं। उन्होंने एक जरूरी जानकारी यह भी दी कि अब एक-दो दिन से बैंकों के अलावा एटीएम से भी नए 2000 रुपए और 500 रुपए के बड़े नोट लोग निकाल पाएंगे। इसके अलावा लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए डाक घरों की व्यवस्था को भी मजबूत बनाया जाएगा।
वहीं सोमवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी के सभी सासंदों के साथ मीटिंग करके कहा है कि देश के लोग सरकार के साथ हैं इसलिए उन्हें बचाव की मुद्रा में आने की कोई जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि बुधवार यानी 16 नवंबर से संसद का शीत कालीन सत्र शुरू होने वाला है। सांसदों के साथ हुई मीटिंग में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह के साथ-साथ वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और लाल कृष्ण आडवाणी जैसे सीनियर नेता भी मौजूद थे।
गौरतलब है कि 500-1000 के नोटों के बैन होने के बाद से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। हालांकि, राहत देने के लिए 14 नवंबर को सरकार द्वारा फैसला लिया गया कि 500 और 1000 के जो पुराने नोट पहले 14 नवंबर की रात तक मान्य थे वह अब 24 नवंबर की रात तक मान्य होंगे। पुराने नोट सरकारी हॉस्पिटल, पेट्रोल पंप पर मान्य होंगे। इसके अलावा बैंक और एटीएम से बदले और निकाले जाने वाले पैसे की लिमिट भी अब बढ़ा दी गई है।
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