भारतीय बिज़नेस टायकून अजीम प्रेमजी के सादगी और दान के किस्से मशहूर हैं। भारतीय आईटी इंडस्ट्री के राजा कहे जाने वाले अजीम प्रेमजी विप्रो कंपनी के फाउंडर चेयरमैन और नॉन एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। अपनी दानवीरता के लिए मशहूर अजीम प्रेमजी साल 2020 में भारत के सबसे ज़्यादा दान करने वाले व्यक्ति बने थे। उन्होंने प्रतिदिन 22 लाख के हिसाब से साल में 7904 करोड़ रुपए दान में दिए थे। इतना धनवान होने के बावजूद वो अपने ऊपर खर्च करने में हमेशा कंजूसी ही करते रहे हैं।

इतनी है सबसे महंगे कपड़े की कीमत – अजीम प्रेमजी ने कभी अपने लिए महंगा कपड़ा नहीं खरीदा। वो हमेशा कम पैसों से ही अपने लिए कपड़े खरीदते हैं। साल 2020 में प्रकाशित संदीप खन्ना और वरुण सूद द्वारा लिखी गई किताब, Azim Premji: The Man Beyond The Billions में लिखा गया है कि उन्होंने अपने ज़िंदगी का सबसे महंगा कपड़ा पेरिस के जारा के एक स्टोर से खरीदा था। उन्होंने बारिश से बचने के लिए एक ओवरकोट खरीदा था, जिसकी कीमत 3,000 हज़ार थी।

विदेश यात्रा के दौरान खुद ही कपड़े धोते हैं अज़ीम प्रेमजी- अज़ीम प्रेमजी अपनी विदेश यात्राओं के दौरान स्वयं ही अपने कपड़े धोते थे। कपड़े धोने के लिए साबुन वो अपने सहकर्मियों से लिया करते थे।

 

किताब में इस बात को ज़िक्र है कि जब 2008 में विप्रो के प्रेसिडेंट रहे सुदीप नंदी में उनसे पूछा कि वो ऐसा क्यों करते हैं? जवाब में प्रेमजी ने कहा था कि होटल की लाउंड्री में कपड़े धुलवाने का खर्च उनके कपड़ों से कीमत से अधिक आता इसलिए वो खुद ही धो लेते है।

 

हर कर्मचारी को अपने बराबर समझते हैं अजीम प्रेमजी-  अज़ीम प्रेमजी अपनी कंपनी के कर्मचारियों से भेदभाव के सख़्त खिलाफ हैं। एक बार ऐसा हुआ कि एक विप्रो के कर्मचारी ने अपनी गाड़ी वहीं पार्क कर दी जहां प्रेमजी अपनी गाड़ी पार्क करते थे। इस घटना पर कंपनी के बड़े अधिकारियों ने सर्कुलर जारी कर कहा कि इस जगह कोई गाड़ी पार्क नहीं कर सकता।

इस बात का पता जब अजीम प्रेमजी को चला तो उन्होंने जवाब में लिखा कि खाली पार्किंग में कोई कही भी गाड़ी पार्क कर सकता है। अगर मुझे वो जगह चाहिए तो मुझे ऑफिस जल्दी आना होगा।