International Yoga Week 2020: आज की भागती-दौड़ती जिंदगी में डिप्रेशन ने एक आम समस्या का रूप ले लिया है। WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में सबसे अधिक डिप्रेस्ड देशों में भारत पहले स्थान पर है। देश की 6.5 प्रतिशत जनसंख्या गंभीर रूप से मानसिक बीमारियों की चपेट में है। हेल्दी लाइफस्टाइल की कमी से ही लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में शारीरिक और मानसिक सक्रियता बहुत जरूरी है। कई शोध से ये खुलासा हो चुका है कि योग तनाव को कम करने में सक्षम है। आइए जानते हैं क्या है योग और डिप्रेशन के बीच संबंध
योग किस तरह करता है डिप्रेशन पर असर: ‘हेल्थलाइन’ की एक खबर के अनुसार, योग करने से स्ट्रेस का प्रभाव कम होता है। इसके अलावा, ये एंजाइटी और घबराहट को कम करने में भी सक्षम है। वहीं, योग शरीर में एनर्जी फ्लो को भी बढ़ाता है। खबर की मानें तो योग में फिजिकल मूवमेंट के साथ ही मेडिटेशन भी शामिल होता है जो डिप्रेशन को कम करने में सहायक है। वहीं, सांस संबंधी व्यायाम करने से भी इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है।
बालासन है स्ट्रेस को कम करने में मददगार: बालासन करने से दिमाग शांत रहता है और स्ट्रेस और एंजाइटी से भी छुटकारा मिलता है। ये आसन योग के सबसे आसान आसनों में से एक है। इसे करने के लिए अपनी एड़ी पर बैठ जाएं और इस बात का ध्यान रखें आपके अंगूठे जमीन के संपर्क में हों। अपने हाथों को घुटने पर रखें, अब कमर के ऊपर के हिस्से को आगे की तरफ झुकाएं। आपका चेहरा जमीन से सटा होना चाहिए और फिर बाजुओं को माथे के किसी भी साइड रखें। ध्यान रहे कि आपकी हथेली सिर की तरफ होनी चाहिए।
उत्तानासन से दिमाग होता है शांत: उत्तानासन करने से आपको शांति महसूस होगी। साथ ही इससे पीठ, कमर और गर्दन की अकड़न भी दूर होती है। ये आसन करने से नर्वस सिस्टम सुचारू ढंग से कार्य करने लगता है जिससे एंजाइटी में कमी आती है। उत्तानासन करने से शरीर में रक्त का संचार भी बेहतर तरीके से होता है। इस योग को करने के लिए सीधे खड़े होकर अपने हाथों को शरीर से सटाकर रखें। अब अपने हाथों को कमर पर रखें और सामने की तरफ झुकें। अपने सिर और छाती को अपने जांघों के पास लाने की कोशिश करें और हाथों को पैरों के बीच से लाकर अपनी एड़ियों को पकड़ें।

