भारत की बेटियों ने ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में जारी वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगा दी है। इस प्रतियोगिता में भारत की 3 महिला मुक्केबाजों ने गोल्ड मेडल जीते। भारत के लिए सबसे पहले गोल्ड मेडल का खाता खोला 48 किलोग्राम वर्ग में मीनाक्षी हुड्डा। उन्होंने बॉक्सिंग कप के फाइनल में उज्‍बेकिस्‍तान की फरजोना फोजीलोवा को 5-0 से हराया।

आपको बता दें कि मीनाक्षी रोहतक जिले के एक छोटे से गांव रुड़की से आती हैं। उनका परिवार बेहद साधारण है और उनके पिता आज भी ऑटो चलाते हैं। मीनाक्षी हुड्डा ने अपनी इस उपलब्धि के बाद भावुक होकर बताया कि उनके पिता आज भी ऑटो चलाते हैं और आर्थिक स्थिति थोड़ी सुधरने के बाद भी उन्होंने ऑटो चलाना नहीं छोड़ा।

क्योंकि उनके पिता का मानना है कि उनकी बेटी आज जो भी है उस ऑटो के जरिए की गई मेहनत के दम पर ही है। ऑटो के जरिए ही उनकी बेटी ने रिंग तक का सफर तय किया है। मीनाक्षी ने इससे पहले 2022 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक, एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक और सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी रजत पदक जीता था। मीनाक्षी आईटीबीपी में भी तैनात हैं। एशियाई चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें इंडो-टिबेतन बॉर्डर पुलिस फोर्स में तैनाती दी गई थी।

प्रीति और अरुंधति ने भी मारे ‘गोल्डन पंच’

मीनाक्षी के अलावा 54 किलोग्राम वर्ग में भारत के लिए प्रीति पवार ने गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 2025 वर्ल्‍ड ब्रॉन्‍ज मेडलिस्‍ट इटली की सिरिन चराबी को मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके बाद भारत के लिए तीसरा गोल्ड मेडल 70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने जीता। अरुंधति ने उज्‍बेकिस्‍तान की अजीजा जोकिरोवा को मात देकर भारत के लिए इस प्रतियोगिता में गोल्ड की हैट्रिक पूरी की। भारत के 15 मुक्केबाजों ने फाइनल में जगह बनाई थी। अब अगले सत्र में नजरें हैं निकहत जरीन और जैस्मीन लम्बोरिया पर।