दिल्‍ली डेयरडेविल्‍स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच 16 अप्रैल को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डंस में महत्‍वपूर्ण मैच खेला गया। इस बार दिल्‍ली की कप्‍तानी की जिम्‍मेदारी गौतम गंभीर को दी गई है। आईपीएल के 10वें सीजन में गंभीर केकेआर के कप्‍तान थे, लेकिन इस बार दिनेश कार्तिक को कोलकाता की जिम्‍मेदारी दी गई है। ऐसे में कोलकाता के क्रिकेट प्रशंसकों से गौतम गंभीर का नाता पुराना है। सोमवार को वह एक बार फिर से कोलकाता में थे, लेकिन इस बार वह केकेआर के लिए चुनौती बनकर पहुंचे थे। इसके बावजूद दर्शकों ने उन्‍हें भरपूर प्‍यार दिया। दिल्‍ली डेयरडेविल्‍स के कप्‍तान ने खुद की इसकी जानकारी दी। उन्‍होंने ट्वीट किया, ‘यहां (कोलकाता) की आवोहवा में अपनापन है, चेहरे भी जाने-पहचाने से हैं। मैं ‘गौती पाजी’ से अचानक से ‘गौतम दा’ हो गया। क्‍या मैं अपने पुराने घर में पहुंच गया हूं?’ बता दें कि गौतम गंभीर की कप्‍तानी में केकेआर की टीम दो बार आईपीएल की विजेता रह चुकी है। इसके बावजूद टीम प्रबंधन ने आईपीएल के 11वें संस्‍करण में गौतम गंभीर को रिटेन न करने का फैसला किया था। गंभीर के बजाय दिनेश कार्तिक को यह जिम्‍मेदारी दी गई। केकेआर ने उन्‍हें 7 करोड़ रुपये से ज्‍यादा में खरीदा था।

केकेआर और दिल्‍ली डेयरडेविल्‍स के बीच 16 अप्रैल को अहम मुकाबला हुआ था। दिल्‍ली के कप्‍तान गौतम गंभीर ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला किया था। बल्‍लेबाजी करने उतरी केकेआर की शुरुआत अच्‍छी नहीं रही थी। सुनील नारायण महज 1 रन बनाकर चलते बने थे। इसके बाद लिन और रॉबिन उथप्‍पा के बीच अच्‍छी साझेदारी हुई थी। नीतीश राणा ने भी शानदार 59 रन ठोके थे। कप्‍तान दिनेश कार्तिक कुछ खास नहीं कर पाए और महज 19 रन बनाकर ही पवेलियन लौट गए थे। इसके बाद बल्‍लेबाजी करने आए आंद्रे रसेल ने सिर्फ 12 गेंदों में ही 6 छक्‍कों की मदद से 41 रन बना डाले थे। इस तरह केकेआर की टीम ने 9 विकेट के नुकसान पर 200 रन बना डाले थे। बल्‍लेबाजी करने उतरी दिल्‍ली की शुरुआत बेहद खराब रही। शुरुआत के तीन बल्‍लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके थे। रिषभ पंत ने 43 और मैक्‍सवेल ने 47 रन बनाकर कुछ प्रतिरोध जरूर दिखया था, लेकिन बाद के कोई भी बल्‍लेबाज कुछ खास नहीं कर पाए। दिल्‍ली की पूरी टीम 15वें ओवर में ही महज 129 रनों पर सिमट गई थी। कोलकाता नाइट राडर्स के नीतीश राणा को मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया।