कनाडा की बियांका एंड्रस्कू अमेरिकी ओपन फाइनल में 23 बार की ग्रैंडस्लैम चैम्पियन सेरेना विलियम्स से खेलेगी, जिसने बेलिंडा बेंचिच को 7 . 6, 7 . 5 से हराया। यूजीनी बूचार्ड (2014) के बाद 19 बरस की एंड्रस्कू ग्रैंडस्लैम फाइनल में पहुंचने वाली कनाडा की दूसरी महिला खिलाड़ी हैं । अगर सेरेना जीत जाती हैं तो मारिया शारापोवा के बाद यहां खिताब हासिल करने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन जायेगी । शारापोवा ने 2006 में अमेरिकी ओपन जीता था। पहली बार अमेरिकी ओपन मुख्य ड्रा में खेल रही आंद्रिस्कू ने 13वीं रैंकिंग वाली स्विटजरलैंड की बेंचिच के खिलाफ पहले सेट में सेट प्वाइंट बचाया । यह मुकाबला उसने टाइब्रेकर में जीता। दूसरे सेट में वह 2 . 5 से पीछे थे लेकिन उसके बाद आखिरी पांच गेम अपने नाम करके हासिल करके जीत दर्ज की।
सेरेना सितंबर 2017 में मां बनने के बाद अपने पहले ग्रैंड स्लैम खिताब से सिर्फ एक कदम दूर हैं। सेरेना अब तक 23 ग्रैंड स्लैम जीत चुकी हैं। वे यदि यूएस ओपन जीत जाती हैं तो ऑस्ट्रेलिया की मार्गेट कोर्ट के 24 ग्रैंड स्लैम खिताब की बराबरी कर लेंगी। सेरेना ने 2017 में ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब अपने नाम करने के बाद से कोई ग्रैंडस्लैम नहीं जीता है। सेरेना 2014 के बाद से यूएस ओपन नहीं जीत पाई हैं। यह उनके लिए एक बेहतरीन मौका है। सेरेना का यह टूर्नामेंट जीतती हैं तो वह मां बनने के बाद कोई ग्रैंडस्लैम जीतने वाली चौथी खिलाड़ी बन जाएंगी। इनसे पहले ऑस्ट्रेलिय की मार्गेट कोर्ट, इवोनी गूलगोंग कावले और बेलिज्यम की किम क्लिस्टर्स यह उपलब्धि अपने नाम कर चुकी हैं।
सेरेना ने पहली बार 1998 में यूएस ओपन खेला था। वे 1999 में चैंपियन बन गईं थीं। वे 2002, 2008, 2012, 2013 और 2014 में भी यूएस ओपन का खिताब अपने नाम करने में सफल रहीं। पिछले साल यूएस ओपन के फाइनल में उन्हें जापान की नाओमी ओसाका के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी। उस फाइनल मैच के दौरान सेरेना ने चेयर अंपायर के साथ बदसलूकी थी। उन्होंने चेयर अंपायर को चोर और झूठा कहा था। सेरेना इस साल विम्बलडन का फाइनल खेल चुकी हैं। हालांकि, तब सिमोना हालेप उन्हें हराकर चैंपियन बनी थीं।

