पाकिस्‍तान क्रिकेट टीम को ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्‍ट में एक पारी और 18 रन से हार का सामना करना पड़ा। ऑस्‍ट्रेलिया के आठ विकेट पर 624 रन बनाकर पारी घोषित करने के बाद पाकिस्‍तान की दूसरी पारी केवल 163 रन पर सिमट गई। मेहमान टीम ने अपनी पहली पारी अजहर अली के दोहरे शतक (नाबाद 205) के बूते नौ विकेट पर 443 रन बनाकर पारी घोषित की थी। पाकिस्‍तान की दूसरी पारी को ढहाने में मिचेल स्‍टार्क (36/4) और नाथन लियोन (33/3) का बड़ा योगदान रहा। शुक्रवार(30 दिसंबर) मेलबर्न टेस्‍ट का आखिरी दिन था और पाकिस्‍तान को ड्रा के लिए बस दो सेशन खेलने थे लेकिन उसके बल्‍लेबाजों ने निराश किया।

पाकिस्‍तान की इस साल यह लगातार पांचवीं और कुल सातवीं टेस्‍ट हार है। आपको बता दें कि पाकिस्‍तान इसी साल इतिहास में पहली बार आईसीसी टेस्‍ट रैंकिेंग में नंबर वन बना था। टॉप पर आने के बाद ही उसे पांचों हार मिली है। वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम टेस्‍ट रैंकिंग में नंबर वन है।

मेलबर्न में खेले गए बॉक्सिंग डे टेस्‍ट में पाकिस्‍तान की ओर से सलामी बल्‍लेबाज अजहर अली ने नाबाद 205 रन की पारी खेली थी। लेकिन उनकी पारी के बावजूद पाकिस्‍तान हार नहीं टाल पाया। पाकिस्‍तान के टेस्‍ट इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दोहरा शतक बनाने के बावजूद टीम हार गई हो। पाक को 1952 में टेस्‍ट क्रिकेट का दर्जा मिला था। पाकिस्‍तान की ओर से अभी तक 43 दोहरे शतक लगे हैं लेकिन अजहर अली ही दुर्भाग्‍यशाली रहे कि वे टीम की हार नहीं टाल पाए।

टेस्‍ट क्रिकेट के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह 17वां दोहरा शतक है जो हार वाले पाले में गया है। इस सूची में रिकी पोटिंग, ब्रायन लारा, कुमार संगकारा, नाथन एस्‍टल, पॉल कॉलिंगवुड, नील हार्वे, ऑब्रे फॉकनर, मैथ्‍यू हेडन और वीरेंद्र सहवाग जैसे खिलाडि़यों के नाम भी हैं। रोचक बात है कि ब्रायन लारा के तीन दोहरे शतक हार की तरफ गए।

अजहर अली पांचवें सलामी बल्‍लेबाज हैं जिनका दोहरा शतक हार वाली टीम की ओर से बना। उनसे पहले इस सूची में वीरेंद्र सहवाग, मैथ्‍यू हेडन, डेनिस एमिस और लेन हटन के नाम शामिल हैं। वहीं 66 साल बाद ऐसा हुआ है जब किसी सलामी बल्‍लेबाज ने दोहरा शतक बनाया है लेकिन फिर भी उसकी टीम को पारी की हार का सामना करना पड़ा हो। अजहर अली से पहले यह रिकॉर्ड लेन हटन के नाम था। हटन ने 1950 में द ओवल में वेस्‍ट इंडीज के खिलाफ डबल सेंचुरी बनाई थी लेकिन टीम की पारी से हार नहीं टाल पाए थे।