महिला युगल रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी के तौर पर लगातार 80 हफ्तों की असाधारण उपलब्धि हासिल करने के बाद भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने गुरुवार (20 अक्टूबर) को कहा कि मार्टिना नवरातिलोवा, कारा ब्लैक और लिजेल हुबेर सरीखी महान खिलाड़ियों के साथ रखा जाना काफी संतोषजनक हैं जो शीर्ष पर काफी लंबे समय तक बनी रही थीं। सानिया ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘मेरे लिए, यह अविश्वसनीय सफर रहा है जो स्वप्न की तरह है। मुझे हमेशा लगा है कि किसी भी गतिविधि के क्षेत्र में शिखर पर पहुंचना हमेशा ही उपलब्धि होती है लेकिन लंबे समय पर इस पर कायम रहना, शीर्ष पर पहली बार पहुंचने से कहीं ज्यादा मुश्किल होता है।’
उन्होंने कहा, ‘महिला वर्ग में केवल तीन महान खिलाड़ी नवरातिलोवा, ब्लैक और हुबेर ही महिला युगल टेनिस इतिहास में लगातार लंबे समय तक शीर्ष पर रही हैं जिससे यह उपलब्धि मेरे लिये और भी संतोषजनक है।’ वह चार्ल्सटन में अपनी पूर्व जोड़ीदार मार्टिन हिंगिस के साथ वोल्वो कार ओपन में खिताब जीतने के बाद पिछले सत्र में शीर्ष रैंकिंग पर काबिज होने वाली पहली भारतीय महिला बन गयी थीं। महान टेनिस खिलाड़ी नवरातिलोवा लगातार 181 हफ्तों तक नंबर एक पर बनी रही थीं जबकि उनके बाद कारा ब्लैक 145 हफ्तों और लिजेल हुबेर 134 हफ्तों तक शिखर पर रहीं थीं। सानिया का नंबर एक सफर 2014 में कारा ब्लैक के साथ शुरू हुआ था और दोनों ने बीएनपी परिबस डब्ल्यूटीए फाइनल्स सिंगापुर में खिताब जीता था।
इस भारतीय खिलाड़ी ने फिर मार्टिना के साथ जोड़ी बनायी और टीम ‘सैम टीना’ ने अपने पहले 14 मैच एक साथ जीते। इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने हाल में अब बारबोरा स्ट्राइकोवा के साथ जोड़ी बनायी। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने कैरियर में जो भी हासिल किया है, उसके लिये एक विशेष कारण को बताना मुश्किल होगा लेकिन सही दिशा में मेरी पूरी टीम की प्रतिबद्धता इन कारणों में से एक हो सकता है।’ सानिया ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इस तरह के चमकदार रिकॉर्ड अब भी काफी दूर हैं और मैं जिस भी मैच में खेलती हूं, उसी मैच पर ध्यान लगाने को तरजीह देती हूं। लेकिन इन तीन महान खिलाड़ियों के साथ शामिल होना सचमुच रोमांचक है।’
उन्होंने कहा, ‘मार्टिना इनमें से शायद सबसे महान महिला टेनिस खिलाड़ी हैं, हुबेर मेरी जोड़ीदार थीं जिनके साथ मैंने हैदराबाद में 2004 में घरेलू सरजमीं पर अपना पहला डब्ल्यूटीए खिताब जीता था और कारा जब मेरी जोड़ीदार थी तो मैंने 2014 में अपना पहला डब्ल्यूटीए फाइनल्स खेला था जो ज्यादातर पेशेवर खिलाड़ियों के लिये ‘सबसे बड़ा ग्रैंडस्लैम’ माना जाता है।’
